राजनीति

बिहार चुनाव हार के बाद लालू परिवार में भूचाल: रोहिणी ने घर छोड़ा, BJP ने शेयर किया ऐश्वर्या के रोने का वीडियो; ‘जंगलराज’ पर तंज

बिहार चुनाव हार के बाद लालू परिवार में भूचाल: रोहिणी ने घर छोड़ा, BJP ने शेयर किया ऐश्वर्या के रोने का वीडियो; ‘जंगलराज’ पर तंज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की करारी हार ने लालू प्रसाद यादव के परिवार में गहरी दरार डाल दी है। हार के महज 48 घंटे बाद लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए घर छोड़ दिया। रोहिणी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया कि तेजस्वी के सहयोगी संजय यादव और रमीज नेमत ने उन्हें चप्पल से पीटा, बाल खींचे और घर से निकाल दिया। इस परिवारिक कलह पर भाजपा ने तीखा प्रहार किया है। पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से तेज प्रताप यादव की पत्नी ऐश्वर्या राय के रोने का पुराना वीडियो शेयर किया गया, साथ ही रोहिणी का आरोप लगाते वीडियो भी पोस्ट किया। भाजपा ने लिखा, “बिहार की जनता ने RJD को न चुनकर जंगलराज से बचा लिया! जिस परिवार में बहू-बेटियों को बाल पकड़कर और चप्पल से पीटा जाता हो, सोचिए, ये लोग अगर सत्ता में आ जाते तो बिहार की बहन-बेटियों के साथ कैसा सलूक करते।”

रोहिणी का वीडियो शनिवार रात वायरल हुआ, जिसमें वे रोते हुए कहती नजर आ रही हैं, “मैंने राजनीति छोड़ दी। तेजस्वी के लोग मुझे घर से निकालना चाहते थे। संजय और रमीज ने गालियां दीं, चप्पल से मारा।” रोहिणी, जो 2022 में लालू को किडनी दान कर चुकी हैं, ने देर रात पटना एयरपोर्ट पहुंचकर दिल्ली के लिए फ्लाइट ली। उनके पति समीर आचार्य ने पुष्टि की, “परिवारिक विवाद है, लेकिन रोहिणी सुरक्षित हैं।” तेज प्रताप यादव ने भाई तेजस्वी पर निशाना साधते हुए कहा, “मैंने सब सहा, लेकिन बहन के अपमान को बर्दाश्त नहीं करूंगा। पिताजी से बात करूंगा।” RJD के अंदरूनी सर्कल में संजय यादव को ‘जयचंद’ कहा जा रहा है, जबकि रमीज नेमत (तेजस्वी के क्रिकेट दोस्त) पर फिक्सिंग का आरोप है।

भाजपा की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तहलका मचा रही है। वीडियो में ऐश्वर्या 2024 के विवाद के दौरान रोते हुए दिख रही हैं, जब तेज प्रताप ने तलाक की धमकी दी थी। भाजपा IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने रीट्वीट कर कहा, “RJD का असली चेहरा – परिवार में ही हिंसा, सत्ता में तो बिहार जल जाएगा।” सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “नीतीश जी ने सही कहा, जंगलराज वापस मत लाना।” पूर्व RJD नेता शिवानंद तिवारी ने भी लालू को ‘धृतराष्ट्र’ कहा, जो पुत्र मोह में अंधे हो चुके हैं।

RJD ने चुप्पी साध ली है। प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, “यह निजी मामला है, पार्टी एकजुट है।” लेकिन हार के बाद रोहिणी का विद्रोह RJD की कमजोरी उजागर कर रहा है। चुनाव में RJD को 22 सीटें मिलीं, जबकि NDA ने 202 हासिल कर 20 नवंबर को नीतीश कुमार का शपथ ग्रहण तय है। विश्लेषकों का कहना है कि परिवारवाद ने RJD को महंगाई चुकानी पड़ी। क्या यह कलह पार्टी का अंत है या सुधार का संकेत? फिलहाल, लालू परिवार की छवि पर बट्टा लग चुका है, और भाजपा इसे ‘जंगलराज’ का सबूत बना रही है।

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