उपनल कर्मियों के धरने में हरक सिंह रावत का धामी सरकार पर हमला, नियमितीकरण की मांग को बताया न्यायोचित
उपनल कर्मियों के धरने में हरक सिंह रावत का धामी सरकार पर हमला, नियमितीकरण की मांग को बताया न्यायोचित
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने पिछले चार दिनों से आंदोलनरत उपनल कर्मचारियों के धरने में पहुंचकर उनकी नियमितीकरण की मांग का पुरजोर समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि प्रदेश के विभाग आज उपनल कर्मचारियों के बलबूते ही चल रहे हैं।
रावत ने धरनास्थल पर कर्मचारियों को संबोधित करते हुए याद दिलाया कि सैनिक कल्याण मंत्री रहते उन्होंने नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन के मुद्दे पर कैबिनेट से समिति गठित करवाई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश उस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने कहा, “उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने कर्मचारियों के पक्ष में स्पष्ट फैसला सुना दिया है। फिर भी सरकार टालमटोल क्यों कर रही है? यह सरासर अन्याय है।”
पूर्व मंत्री ने धामी सरकार से तत्काल मांग मानने की अपील की और चेतावनी दी कि उपनल कर्मचारी ही राज्य के प्रशासनिक तंत्र की असली रीढ़ हैं। उनका कहना था, “नियमित कर्मचारी नहीं, बल्कि उपनल कर्मचारी ही विभिन्न विभागों को सुचारु रूप से चला रहे हैं। अब न्याय और सम्मान का समय आ गया है।”
उपनल कर्मचारी पिछले कई दिनों से वेतन विसंगति और नियमितीकरण की मांग को लेकर धरने पर हैं। हरक सिंह रावत की मौजूदगी ने आंदोलन को नई ताकत दी है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, वे धरना जारी रखेंगे।
