Friday Worship: शुक्रवार के दिन किन देवी-देवताओं की होती है पूजा? – जानें विधि, मंत्र और लाभ
Friday Worship: शुक्रवार के दिन किन देवी-देवताओं की होती है पूजा? – जानें विधि, मंत्र और लाभ
हिंदू पंचांग में शुक्रवार को शुक्रवार व्रत का दिन माना जाता है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, यह दिन ग्रह शुक्र (Venus) की ऊर्जा से जुड़ा है, जो धन, सौंदर्य, प्रेम और वैवाहिक सुख का कारक है। इस दिन माँ संतोषी, माँ लक्ष्मी, माँ दुर्गा और शुक्र देव की पूजा-अर्चना की जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुक्रवार की पूजा से आर्थिक संकट दूर होते हैं, घर में सुख-शांति आती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मुख्य देवी-देवता और पूजा विधि:
माँ संतोषी:
लाभ: जीवन में संतोष, सुख-शांति।
विधि: सुबह स्नान कर गुड़-चने का प्रसाद चढ़ाएं। 16 शुक्रवार व्रत रखें।
मंत्र: ॐ संतोष्यै नमः
माँ लक्ष्मी:
लाभ: धन-वैभव, व्यापार में लाभ।
विधि: शाम को दीपदान, खीर का भोग।
मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः
माँ दुर्गा (वैभव लक्ष्मी रूप):
लाभ: बाधा निवारण, सौभाग्य।
विधि: लाल फूल, दुर्गा चालीसा पाठ।
मंत्र: ॐ दुं दुर्गायै नमः
ग्रह शुक्र:
लाभ: प्रेम, सौंदर्य, विवाह योग।
विधि: सफेद मिठाई भोग, 108 बार मंत्र जप।
मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः
विशेष टिप्स:
पहनावा: श्वेत या गुलाबी वस्त्र।
भोग: चावल-दूध, सफेद मिठाई।
दान: सफेद वस्तु (चावल, दूध, कपड़ा)।
उपाय: कुंवारी कन्याएं सफेद चूड़ी पहनें – शीघ्र विवाह।
ज्योतिषी पंडित कहते हैं, “शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा से घर में धन की वर्षा होती है। 5 शुक्रवार व्रत से आर्थिक परेशानी दूर होती है।”
शुभ फल: धन + सुख + सौंदर्य। पूजा से पहले पंडित से विधि जरूर जानें।
