दिल्ली ब्लास्ट में जैश का हाथ: पाकिस्तान की चालबाजी, खुद पर हमले के बाद भारत पर इल्ज़ाम!
दिल्ली ब्लास्ट में जैश का हाथ: पाकिस्तान की चालबाजी, खुद पर हमले के बाद भारत पर इल्ज़ाम!
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई और 25 से ज्यादा घायल हुए। प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट से लदे हुंडई i20 कार का विस्फोट सामने आया, लेकिन अब आतंकी एंगल पूरी तरह साफ हो गया है। एनआईए और दिल्ली पुलिस की छापेमारियों से ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ, जो पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से जुड़ा था। गिरफ्तार डॉक्टरों – मुझम्मिल गनई, आदिल मजीद, शाहीन सिद्दीकी और उमर मोहम्मद – के नेटवर्क से 2,900 किलो विस्फोटक, हथियार और रेडिकलाइजेशन से जुड़े टेलीग्राम ग्रुप्स बरामद हुए। JeM, जो पाकिस्तान में बैन होने के बावजूद सक्रिय है, के मास्टरमाइंड उमर मोहम्मद ने ही कार चलाई थी, जो ब्लास्ट में मारा गया। यह मॉड्यूल कश्मीर, हरियाणा, यूपी और गुजरात तक फैला था, जहां रिसिन और ड्रोन हमलों की साजिश भी रुकी।
भारत ने 13 मौतों के बावजूद पाकिस्तान का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन पीएम मोदी ने भूटान से लौटकर LNJP अस्पताल जाकर घायलों से मिले और कहा, “साजिश की जड़ तक पहुंचेंगे।” गृह मंत्री अमित शाह ने CCS मीटिंग बुलाई, जहां UAPA के तहत FIR दर्ज हुई। फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी पर NIA का छापा पड़ा, जहां डॉक्टरों का रेडिकलाइजेशन हुआ। JeM का पाकिस्तानी लिंक साफ है – उमर बिन खत्ताब जैसे ऑपरेटिव्स ने महिलाओं की भर्ती की साजिश रची। लेकिन पाकिस्तान की प्रतिक्रिया चौंकाने वाली है: खुद पर हमले के बाद भारत पर उंगली उठा दी!
मंगलवार, 11 नवंबर को इस्लामाबाद के जिला न्यायिक परिसर के बाहर सुसाइड बॉम्बिंग में 12 मौतें और 36 घायल हुए। पाकिस्तानी सरकार ने इसे TTP (पाकिस्तानी तालिबान) का हमला बताया, जो अफगानिस्तान से संचालित है। लेकिन रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे “जंग का हाल” करार देते हुए अफगान तालिबान को जिम्मेदार ठहराया, और चेतावनी दी कि अफगानिस्तान में आतंकी पनाहगाहों पर हमले से “इनकार नहीं किया जा सकता।” औरतें, पाक पीएम शहबाज शरीफ ने बिना सबूत के “भारतीय प्रॉक्सी” का इल्ज़ाम लगाया, जो अफगान मिट्टी से संचालित हैं। आसिफ ने दिल्ली ब्लास्ट को भी पाक से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसे “बकवास” बताकर खारिज कर दिया। MEA ने कहा, “पाकिस्तानी लीडरशिप की यह बेसब्र कोशिश आंतरिक संकट से ध्यान भटकाने की है।” यह वही पाक है, जहां JeM जैसे संगठन फल-फूल रहे हैं, लेकिन खुद पर हमले के बाद भारत को दोषी ठहरा रहा है – “चोर की दाढ़ी में तिनका” वाली कहावत चरितार्थ!
ये घटनाएं दक्षिण एशिया की नाजुक शांति को चुनौती दे रही हैं। भारत-अफगान-पाक त्रिकोण में प्रॉक्सी वॉर तेज हो रही है, जहां JeM जैसे ग्रुप्स पाक मिट्टी से भारत को निशाना बनाते हैं, और पाक खुद को शिकार बताता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली ब्लास्ट 26 जनवरी पर बड़ा हमला रोकने का हिस्सा था। NIA की जांच जारी है, और दिल्ली-एनसीआर में अलर्ट बरकरार। पाक की यह दोहरी चाल क्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर होगी? या फिर साजिशें जारी रहेंगी? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें!
