दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. उमर मोहम्मद, आदिल अहमद… 7 प्रमुख किरदार, JeM के ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर नेटवर्क की पूरी कुंडली
दिल्ली ब्लास्ट: डॉ. उमर मोहम्मद, आदिल अहमद… 7 प्रमुख किरदार, JeM के ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर नेटवर्क की पूरी कुंडली
नई दिल्ली: दिल्ली के लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम को हुई कार ब्लास्ट की जांच ने एक खतरनाक ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर नेटवर्क को उजागर कर दिया है। NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और J&K पुलिस की संयुक्त जांच में यह साफ हो गया है कि यह फिदायीन (आत्मघाती) हमला था, जिसमें मुख्य आरोपी डॉ. उमर मोहम्मद ने हड़बड़ी में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) फोड़ा। इस हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक घायल हैं। जांच एजेंसियों ने फरीदाबाद से पकड़े गए JeM (जैश-ए-मोहम्मद) मॉड्यूल को जिम्मेदार ठहराया है, जो रेडिकलाइज्ड डॉक्टरों और प्रोफेशनल्स से बना था। इस नेटवर्क के 7 प्रमुख किरदारों की कुंडली नीचे दी गई है, जो कश्मीर से दिल्ली-NCR तक फैला हुआ था। ये सभी शिक्षित थे, लेकिन पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर विस्फोटक जमा करने और हमले की साजिश रचने में लगे थे।
1. डॉ. उमर मोहम्मद (मुख्य फिदायीन, मृत्यु हो चुकी)
पुलवामा (J&K) के कोइल गांव का रहने वाला डॉ. उमर मोहम्मद (उम्र 36) इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। अल-फलाह मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद में डॉक्टर के रूप में काम करने वाला उमर JeM का कथित ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) था। जांच से साफ हुआ कि फरीदाबाद मॉड्यूल के सहयोगियों की गिरफ्तारी (डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. आदिल अहमद) के बाद वह घबरा गया। हड़बड़ी में उसने ह्युंडई i20 कार में अमोनियम नाइट्रेट से बने IED लोड कर दिल्ली रवाना हो गया। शाम 6:52 बजे सुभाष मार्ग पर रेड लाइट पर रुकते ही डिटोनेटर दबा दिया, जो फिदायीन अटैक था। CCTV फुटेज में उमर कार ड्राइव करता साफ दिख रहा है। DNA टेस्ट से पुष्टि हुई कि कार के जले शव उमर के ही थे। उमर टेरर फाइनेंसिंग, हथियार तस्करी और JeM प्रोपेगैंडा में वांछित था। वह पाकिस्तानी हैंडलर्स से टेलीग्राम पर जुड़ा रहता था।
2. डॉ. आदिल अहमद राठर (प्रोपेगैंडा इंचार्ज, गिरफ्तार)
दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड का 27 वर्षीय डॉ. आदिल अहमद राठर (Adeel Ahmad Rather) GMC अनंतनाग में डॉक्टर था। वह नेटवर्क का प्रोपेगैंडा विंग संभालता था। 27 अक्टूबर को श्रीनगर में JeM के पोस्टर चस्पा करने का CCTV फुटेज मिला, जिसके बाद सहारनपुर (UP) के एक अस्पताल से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में राठर ने फरीदाबाद के किराए के मकानों में विस्फोटक जमा करने की कबूली। उसके लॉकर से AK-47 राइफल और 83 कारतूस बरामद हुए। राठर ने डॉ. मुजम्मिल को विस्फोटक स्टोर करने के लिए पहचान दिलाई। वह JeM के पाकिस्तानी हैंडलर्स से वीडियो कॉल पर जुड़ा रहता था। NIA ने उसे UAPA की धारा 16 (आतंकी कृत्य) के तहत चार्जशीट कर सकती है।
3. डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई (विस्फोटक स्टोरेज मास्टर, गिरफ्तार)
सहारनपुर (UP) का 32 वर्षीय डॉ. मुजम्मिल अहमद गनाई (Muzammil Shakeel) अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद में असिस्टेंट प्रोफेसर था। वह नेटवर्क का लॉजिस्टिक्स इंचार्ज था। गिरफ्तारी के बाद उसके किराए के दो मकानों (धौज और फतेहपुर तगा) से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, AK-47, पिस्टल, 20 टाइमर, डेटोनेटर और केमिकल्स बरामद हुए। मुजम्मिल ने 8 महीने पहले मौलवी से मकान किराए पर लिया था। वह JeM के पोस्टर चस्पा करने और फंडिंग में शामिल था। पूछताछ में उसने उमर को विस्फोटक सप्लाई करने की कबूली। मुजम्मिल का परिवार कश्मीर से था, और वह रेडिकलाइज्ड स्टूडेंट्स को भर्ती करता था।
4. डॉ. शाहीन शाहिद (महिला सहयोगी, गिरफ्तार)
फरीदाबाद की 29 वर्षीय डॉ. शाहीन शाहिद (Shaheen Shahid) अल-फलाह मेडिकल कॉलेज में सहायक डॉक्टर थी। वह नेटवर्क की लॉजिस्टिक्स में सहायता करती थी। गिरफ्तारी के बाद उसके कार से राइफल और लाइव कारतूस बरामद हुए। शाहीन मुजम्मिल की करीबी थी, और विस्फोटक ट्रांसपोर्ट में मदद करती थी। वह JeM के प्रोपेगैंडा वीडियो शेयर करती थी। NIA ने उसे टेरर फाइनेंसिंग के तहत पूछताछ में लिया।
5. तारिक अहमद (कार सप्लायर, गिरफ्तार)
पुलवामा का 34 वर्षीय तारिक अहमद (Tariq Ahmad) कार डीलर था। वह नेटवर्क का वाहन सप्लायर था। जांच में पता चला कि ह्युंडई i20 को उमर को बेचा था। तारिक ने फर्जी दस्तावेजों से कार ट्रांसफर की। गिरफ्तारी के बाद उसके पास से JeM से जुड़े मैसेज मिले। वह अमोनियम नाइट्रेट ट्रांसपोर्ट में मदद करता था।
6. आशीक अहमद और जाहिर अहमद (उमर के भाई, हिरासत में)
डॉ. उमर के दो भाई – आशीक अहमद (उम्र 30) और जाहिर अहमद (उम्र 28) – पुलवामा के कोइल गांव से हैं। वे JeM के स्थानीय लॉजिस्टिक्स में शामिल थे। मंगलवार को हिरासत में लिए गए, जहां से उनके फोन में पाकिस्तानी नंबर्स मिले। वे उमर को फंडिंग भेजते थे। DNA सैंपल लिए गए हैं।
7. शमीमा बानो (उमर की मां, हिरासत में)
पुलवामा की शमीमा बानो (उम्र 60) उमर की मां हैं। वे परिवार का लिंक थीं। हिरासत में पूछताछ से पता चला कि वे JeM के प्रोपेगैंडा में सहायता करती थीं। उनके घर से दस्तावेज बरामद हुए।
टेरर नेटवर्क की पूरी कुंडली: ‘व्हाइट कॉलर’ JeM मॉड्यूल
यह नेटवर्क JeM का ‘व्हाइट कॉलर’ वर्शन था, जिसमें रेडिकलाइज्ड डॉक्टर, प्रोफेसर और डीलर शामिल थे। श्रीनगर में JeM पोस्टर (27 अक्टूबर) से शुरू हुई जांच फरीदाबाद पहुंची, जहां 15 दिनों की निगरानी के बाद रेड हुई। मॉड्यूल ने 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट जमा किया, जो IED और कार बम के लिए था। पाकिस्तानी हैंडलर्स टेलीग्राम पर निर्देश देते थे। गिरफ्तारियों के बाद उमर ने पैनिक में अटैक किया। NIA ने UAPA के तहत केस दर्ज किया। अमित शाह की मीटिंग में कश्मीर छापे तेज। यह मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमले की साजिश रच रहा था। जांच जारी – JeM को झटका।
