दिल्ली-NCR में प्रदूषण ‘गंभीर’ श्रेणी में, GRAP-3 लागू: निर्माण पर पूर्ण रोक, BS-III/IV वाहनों पर पाबंदी
दिल्ली-NCR में प्रदूषण ‘गंभीर’ श्रेणी में, GRAP-3 लागू: निर्माण पर पूर्ण रोक, BS-III/IV वाहनों पर पाबंदी
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों का प्रदूषण संकट फिर से भयावह रूप ले चुका है। मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 425 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। इससे कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने तत्काल प्रभाव से GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के स्टेज-3 को लागू कर दिया। यह कदम वाहनों के उत्सर्जन, पराली जलाने, पटाखों और स्थानीय स्रोतों से बढ़ते प्रदूषण के कारण उठाया गया। पहले स्टेज-1 और 2 के उपाय पहले से चल रहे थे, अब स्टेज-3 के साथ और सख्ती हो गई है।
AQI की स्थिति: कई इलाकों में 400 पार
सोमवार को AQI 362 था, लेकिन मंगलवार सुबह शांत हवाओं, स्थिर वातावरण और ठंडे मौसम ने प्रदूषकों को सतह के पास जमा कर दिया। चांदनी चौक में 416, आरके पुरम में 446, पटपड़गंज में 438 और सोनिया विहार में 433 AQI दर्ज हुआ। नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी 370 से ऊपर AQI रहा। GRAP के अनुसार, AQI 401-450 पर स्टेज-3 लागू होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पराली जलाने का सीजन शुरू होने से स्थिति और बिगड़ेगी।
GRAP-3 के मुख्य उपाय: इन कामों पर पूर्ण पाबंदी
GRAP-3 के तहत दिल्ली और NCR (गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, बागपत, फरीदाबाद, झज्जर, सोनीपत, सिरसा, रेवाड़ी, कैथल, पानीपत, रोहतक, जींद, मेरठ, मुरादाबाद, हापुड़, भिवाड़ी, शामली, करनाल) में सख्त प्रतिबंध लगे हैं। ये स्टेज-1 और 2 के उपायों के अतिरिक्त हैं:
निर्माण कार्य पर रोक: दिल्ली-NCR में सभी गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस कार्य पूरी तरह बंद। सड़क निर्माण (DPCC की अनुमति वाले) और मेट्रो प्रोजेक्ट्स को छूट। उल्लंघन पर जुर्माना 1 लाख से 10 लाख रुपये।
स्टोन क्रशर और माइनिंग बंद: सभी स्टोन क्रशर, हॉट मिक्स प्लांट्स और गैर-जरूरी खनन गतिविधियां निलंबित।
स्कूलों में हाइब्रिड मोड: क्लास 5 तक के स्कूल हाइब्रिड (ऑनलाइन+ऑफलाइन) मोड में शिफ्ट। अभिभावक ऑनलाइन चुन सकते हैं। क्लास 6 से ऊपर के लिए भी ऑप्शन।
वाहनों पर पाबंदी:
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार-पहिया वाहनों का दिल्ली और NCR में उपयोग प्रतिबंधित (दिव्यांगों को छूट)।
NCR से दिल्ली आने वाली गैर-इलेक्ट्रिक/गैर-CNG/गैर-BS-VI डीजल इंटर-स्टेट बसें प्रतिबंधित (टूरिस्ट परमिट वाली बसों को छूट)।
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर पहले से बैन।
उद्योग और अन्य: गैस से चलने वाले इंडस्ट्रीज को भी अगर जरूरी हो तो बंद करने का आदेश। सड़कों पर वाटर स्प्रिंकलिंग और मैकेनिकल स्वीपिंग बढ़ानी होगी।
सरकार के अतिरिक्त कदम: ऑफिस टाइमिंग में बदलाव
दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने प्रदूषण कम करने के लिए सरकारी दफ्तरों में स्टैगर्ड टाइमिंग लागू की। सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक 50% कर्मचारी, और सुबह 10:30 से शाम 7 बजे तक बाकी। WFH को बढ़ावा दिया जाएगा। CAQM ने कहा, “ये उपाय प्रदूषण को और बिगड़ने से रोकने के लिए हैं।”
विशेषज्ञों की चेतावनी: स्वास्थ्य जोखिम बढ़े
विशेषज्ञों ने कहा कि गंभीर AQI से सांस की बीमारियां, अस्थमा और हृदय रोगियों को खतरा। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को घर पर रहने की सलाह। मास्क पहनें, AC बंद रखें। IMD ने शांत हवाओं का अलर्ट दिया, जो प्रदूषण फैलाने में मददगार है।
GRAP-4 (AQI 450+) की स्थिति में और सख्ती हो सकती है। CAQM ने सभी राज्यों को निर्देश दिए। दिल्लीवासी सतर्क रहें – प्रदूषण से जंग लंबी है।
