राजनीति

फर्जी लैंड डील विवाद: CM फडणवीस का साफ ऐलान, FIR में नाम न आने का कारण बताया, पार्थ पवार पर कोई छूट नहीं

फर्जी लैंड डील विवाद: CM फडणवीस का साफ ऐलान, FIR में नाम न आने का कारण बताया, पार्थ पवार पर कोई छूट नहीं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे की विवादास्पद 300 करोड़ रुपये की लैंड डील पर एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की कंपनी का नाम जुड़ा है। गृहमंत्री भी रहते हुए फडणवीस ने स्पष्ट किया कि FIR में पार्थ पवार का नाम न होने का कारण कानूनी प्रक्रिया है, न कि कोई राजनीतिक दबाव। उन्होंने कहा, “FIR का मतलब फर्स्ट इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट है। इसमें केवल हस्ताक्षर करने वालों या प्रत्यक्ष लेन-देन करने वालों के खिलाफ ही प्रारंभिक कार्रवाई होती है।” यह बयान विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए आया, जो सरकार पर ‘परिवारवाद’ का इल्जाम लगा रहे हैं।

फडणवीस ने नागपुर में पत्रकारों से बातचीत में जोर देकर कहा, “कंपनी के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता और लेन-देन करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा, सरकारी अधिकारियों और सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने दोहराया कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है, और एक महीने के अंदर जांच पूरी कर सख्त कदम उठाए जाएंगे।4a2dd5 यह मामला पुणे के मुंधवा इलाके में 40 एकड़ सरकारी ‘महार वतन’ भूमि की अवैध बिक्री से जुड़ा है, जिसकी अनुमानित कीमत 1,800 करोड़ रुपये बताई जा रही है। लेकिन अमेडिया एंटरप्राइजेज LLP (जिसमें पार्थ पवार 99% पार्टनर हैं) ने इसे मात्र 300 करोड़ में खरीदा, साथ ही 21 करोड़ का स्टांप ड्यूटी माफी ली।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दो सब-रजिस्ट्रार को निलंबित किया गया है, और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (रेवेन्यू) विकास खारगे के नेतृत्व में उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। अजित पवार ने भी शुक्रवार को कहा कि डील रद्द हो चुकी है, और कोई पैसा ट्रांजैक्शन नहीं हुआ। उन्होंने जोड़ा, “मैंने कभी नियम तोड़े नहीं। अगर कोई गलती हुई, तो जांच हो।” पार्थ पवार ने खुद सफाई दी कि “मैंने कोई घोटाला नहीं किया।”

विपक्ष ने हमला बोला। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने न्यायिक जांच की मांग की, जबकि NCP (SP) सुप्रिया सुले ने कहा, “एक नियम अमीरों के लिए, दूसरे गरीबों के लिए।” शरद पवार ने समर्थन देते हुए कहा, “प्रशासन, राजनीति और परिवार अलग हैं। CM की जांच का स्वागत।”

फडणवीस ने अंत में कहा, “यह सरकार गलत करने वालों को कभी नहीं बचाएगी। जांच पूरी होने पर सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी।” यह विवाद महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले NDA गठबंधन के लिए चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शिता साबित करने के लिए CBI जांच जरूरी है। फिलहाल, पुणे पुलिस ने BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज की है, और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन ने अंतरिम रिपोर्ट सौंपी है।

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