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दिल्ली के बाद काठमांडू एयरपोर्ट पर रनवे लाइटिंग फेल: सभी फ्लाइट्स रुकीं, 5 विमान होल्ड पर, तकनीकी टीम ने शुरू की मरम्मत

दिल्ली के बाद काठमांडू एयरपोर्ट पर रनवे लाइटिंग फेल: सभी फ्लाइट्स रुकीं, 5 विमान होल्ड पर, तकनीकी टीम ने शुरू की मरम्मत

नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (TIA) पर तकनीकी खराबी ने हवाई यात्रा को ठप कर दिया। रनवे की लाइटिंग सिस्टम में शॉर्ट सर्किट के कारण शनिवार शाम 5:30 बजे (स्थानीय समय) से सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स सस्पेंड कर दी गईं। यह घटना दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को हुई विमान तकनीकी खराबी के ठीक एक दिन बाद आई है, जिससे दक्षिण एशिया में हवाई यातायात की असुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, कम से कम 5 फ्लाइट्स होल्ड पर हैं, और यात्रियों को घंटों इंतजार कराना पड़ रहा है।

एयरपोर्ट के प्रवक्ता रेनजी शर्मा ने ANI को बताया, “रनवे के एयरफील्ड लाइटिंग सिस्टम में समस्या आ गई है। 5:30 बजे समस्या का पता चला, जिसके बाद सभी आगमन और प्रस्थान रुक गए।” प्रारंभिक जांच में पता चला कि बारिश का पानी वायरिंग चैनलों में घुसने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे रनवे पूरी तरह अंधेरे में डूब गया। TIA नेपाल का एकमात्र अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जो दैनिक 300 से अधिक फ्लाइट्स संभालता है। यह पर्यटन और व्यापार का मुख्य केंद्र है, जहां से दिल्ली, मुंबई, बैंकॉक और दुबई जैसी जगहों के लिए उड़ानें जाती हैं।

यह खराबी तब हुई जब एयरपोर्ट का 3,350 मीटर लंबा टेबलटॉप रनवे पहले से ही मरम्मत के दौर से गुजर रहा है। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी टीमों को तैनात कर दिया गया है, और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद सामान्य संचालन बहाल होगा। अनुमान है कि रात भर की मरम्मत के बाद सुबह 6 बजे तक फ्लाइट्स शुरू हो सकती हैं। लेकिन फिलहाल, यात्रियों को वैकल्पिक एयरपोर्ट्स जैसे पटना या भैरहवा भेजा जा रहा है। इंडिगो, एयर इंडिया और नेपाल एयरलाइंस जैसी कंपनियों ने सोशल मीडिया पर अलर्ट जारी किए हैं, जिसमें देरी और रद्दीकरण की चेतावनी दी गई है।

यह घटना दक्षिण एशिया में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की कमजोरियों को उजागर करती है। दिल्ली में A380 विमान के टचडाउन सेंसर फेल होने से 100 से अधिक फ्लाइट्स प्रभावित हुईं, वहीं काठमांडू में मौसमी दिक्कतें आम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी वायरिंग और मानसून की बाढ़ जैसी समस्याएं बार-बार हादसे का कारण बन रही हैं। नेपाल सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAAN) ने जांच के आदेश दिए हैं, और अंतरराष्ट्रीय उड्डयन संगठन ICAO से सलाह मांगी है।

X (पूर्व ट्विटर) पर #KathmanduAirportGlitch ट्रेंड कर रहा है, जहां यात्री अपनी परेशानी शेयर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “दिल्ली के बाद काठमांडू… क्या हवाई यात्रा अब जोखिम भरी हो गई?” नेपाल सरकार ने प्रभावित यात्रियों को मुआवजा और होटल सुविधा का वादा किया है। फिलहाल, एयरपोर्ट पर हाहाकार मचा हुआ है, और हजारों यात्री फंसे पड़े हैं। उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी, लेकिन यह हादसा क्षेत्रीय हवाई सुरक्षा पर बहस छेड़ रहा है।

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