‘सौरव गांगुली को ICC चेयरमैन होना चाहिए था’: ऋचा घोष सम्मान समारोह में ममता बनर्जी का BJP पर तीखा प्रहार, पूर्व कप्तान की तारीफ में नया बयान
‘सौरव गांगुली को ICC चेयरमैन होना चाहिए था’: ऋचा घोष सम्मान समारोह में ममता बनर्जी का BJP पर तीखा प्रहार, पूर्व कप्तान की तारीफ में नया बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली का खुलकर समर्थन किया है। ईडन गार्डन्स में वुमेंस वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम की स्टार खिलाड़ी ऋचा घोष के सम्मान समारोह के दौरान ममता ने कहा, “सौरव गांगुली को ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) का चेयरमैन होना चाहिए था। वे सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि बंगाल की शान हैं।” यह बयान BJP पर निशाना साधते हुए आया, जहां ममता ने गांगुली को BCCI चेयरमैन पद से हटाए जाने को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया। कार्यक्रम में सौरव गांगुली भी मौजूद थे, जिन्होंने ममता के शब्दों पर मुस्कुराते हुए ताली बजाई।
ईडन गार्डन्स में बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) द्वारा आयोजित इस समारोह में ममता ने ऋचा घोष को सम्मानित करते हुए कहा, “हमारे आस-पास हमेशा दोस्त रहे हैं, लेकिन कुछ दुश्मन भी। आज सौरव को ICC चेयरमैन बनना था।” उन्होंने ईडन गार्डन्स को ‘गोल्डन गार्डन’ बताते हुए गांगुली की प्रशंसा की और जोड़ा, “वे फिलहाल वहां नहीं हैं, लेकिन एक दिन ICC चेयरमैन जरूर बनेंगे।” यह बयान 2022 के पुराने विवाद को ताजा कर रहा है, जब ममता ने PM नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि गांगुली को ICC चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए।
ममता का यह कदम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। गांगुली को 2022 में BCCI चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद जय शाह (गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र) को यह जिम्मेदारी मिली। TMC ने इसे ‘भाजपा का बदला’ बताया, क्योंकि गांगुली ने राजनीति से दूरी बनाए रखी। ममता ने कहा, “अगर सौरव की जगह सचिन तेंदुलकर होते, तो भी मैं उनका समर्थन करती। लेकिन बंगाल का बेटा होने के कारण उन्हें वंचित किया गया।”
सौरव गांगुली ने 2000 में ‘लॉर्ड्स बालकनी’ प्रसिद्धि से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। BCCI चेयरमैन के रूप में उन्होंने IPL को मजबूत किया और महिला क्रिकेट को बढ़ावा दिया। ऋचा घोष, जो बंगाल की बेटी हैं, ने हाल ही में वुमेंस T20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया। ममता ने उन्हें 10 लाख रुपये का चेक सौंपा और कहा, “ऐसी बेटियां बंगाल का गौरव बढ़ा रही हैं।” समारोह में पूर्व खिलाड़ी जैकी श्रॉफ और अन्य दिग्गज भी उपस्थित थे।
BJP ने ममता के बयान पर पलटवार किया। राज्य BJP अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा, “ममता जी क्रिकेट को राजनीति में घसीट रही हैं। गांगुली का सम्मान हम भी करते हैं, लेकिन ICC का फैसला बोर्ड का है।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान TMC की ‘बंगाली गौरव’ वाली रणनीति का हिस्सा है, खासकर 2026 विधानसभा चुनाव से पहले। गांगुली ने हाल ही में राजनीति में एंट्री की अफवाहों को खारिज किया था, लेकिन ममता का समर्थन उनके करियर को नई दिशा दे सकता है।
यह घटना क्रिकेट और राजनीति के गठजोड़ को उजागर करती है। ममता ने अंत में कहा, “सौरव जैसे सपूतों को आगे बढ़ना चाहिए। बंगाल का तीरंदाज ओलंपिक में पदक लाएगा, और दादा ICC में छाएंगे।” फिलहाल, ICC चेयरमैन जय शाह हैं, लेकिन ममता की यह वकालत बहस छेड़ रही है – क्या गांगुली का सपना पूरा होगा?
