अन्तर्राष्ट्रीय

नेपाल में बालेन का ‘सिस्टम क्लीन’ ऑपरेशन: एक झटके में 1,594 राजनीतिक नियुक्तियां रद्द, कांप उठे सियासी दिग्गज”

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह (राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी) की सरकार ने प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के लिए एक और सख्त कदम उठाया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर “Special Provisions for Removal of Public Office Bearers Ordinance, 2083” जारी किया, जिसके तहत 1,594 राजनीतिक नियुक्तियां एक साथ रद्द कर दी गई हैं।

इस फैसले का दायरा

ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय नियामक निकायों, विश्वविद्यालयों, सार्वजनिक संस्थानों, अस्पतालों, नेपाल एयरलाइंस, गोरखापत्र, टेलीकॉम अथॉरिटी आदि में राजनीतिक कोटे से की गई नियुक्तियां प्रभावित।

नेपाल बिजली प्राधिकरण के कार्यकारी निदेशक समेत कई उच्च पदाधिकारी प्रभावित हुए।

यह कदम पिछली सरकारों (खासकर केपी शर्मा ओली के कार्यकाल) द्वारा की गई राजनीतिक पसंदगी की नियुक्तियों को निशाना बनाता है।

PM बालेंद्र शाह का मकसद

मेरिट-बेस्ड नियुक्तियां लाना।

राज्य तंत्र को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करना।

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और “Clean Nepal” विजन को लागू करना।

सरकार का कहना है कि ये नियुक्तियां योग्यता के बजाय पार्टी-बंटवारे पर आधारित थीं।

प्रतिक्रिया और असर

यह नेपाल के इतिहास में बड़े प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है।

कुछ विपक्षी दलों और प्रभावित लोगों में नाराजगी है, जबकि सुधारवादियों ने स्वागत किया।

नए पदों पर जल्द मेरिट के आधार पर नियुक्तियां होने की उम्मीद है।

पृष्ठभूमि: बालेंद्र शाह मार्च 2026 में PM बने थे। उन्होंने पहले भी कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं, जैसे विदेश यात्राएं कम करना, पूर्व PM की संपत्ति जांच आदि। यह फैसला उनकी “सिस्टम क्लीनअप” की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

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