फर्जी डिग्री रैकेट पर ED का शिकंजा: मोनाड यूनिवर्सिटी में छापेमारी, 43 लाख नकद जब्त, चांसलर मुख्य आरोपी
फर्जी डिग्री रैकेट पर ED का शिकंजा: मोनाड यूनिवर्सिटी में छापेमारी, 43 लाख नकद जब्त, चांसलर मुख्य आरोपी
शिक्षा के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा एक्शन लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत ED ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा में 15-16 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें मोनाड यूनिवर्सिटी (हापुड़) और सरस्वती मेडिकल कॉलेज (उन्नाव) प्रमुख थे। छापों में 43 लाख रुपये नकद, सैकड़ों फर्जी डिग्री दस्तावेज, मार्कशीट, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस जब्त हुए। मुख्य आरोपी मोनाड यूनिवर्सिटी के चांसलर विजेंद्र सिंह उर्फ विजेंद्र सिंह हुड्डा हैं, जो पहले से जेल में बंद हैं। ED का यह कदम उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की मई 2025 की कार्रवाई के बाद आया है, जिसने इस रैकेट का पर्दाफाश किया था।
ED लखनऊ जोनल ऑफिस ने 6 नवंबर को सुबह से शाम तक चली इस कार्रवाई में यूनिवर्सिटी कैंपस, आरोपी के घरों और संबंधित संस्थानों को निशाना बनाया। आधिकारिक बयान के अनुसार, “यह जांच STF केस से जुड़ी है, जहां हजारों फर्जी अकादमिक दस्तावेज बनाकर बेचे गए।” STF ने 18 मई 2025 को यूनिवर्सिटी पर रेड मारी थी, जहां 1,372 फर्जी मार्कशीट-डिग्री, 262 प्रोविजनल और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बरामद हुए थे। आरोपी हरियाणा निवासी संदीप समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। FIR नंबर 290/2025 पिलखुआ थाने में दर्ज हुई। STF ने आरोप लगाया कि विजेंद्र सिंह हुड्डा, जो यूनिवर्सिटी के कंट्रोलिंग अथॉरिटी हैं, इस रैकेट के मास्टरमाइंड थे। वे सरस्वती मेडिकल कॉलेज के सेक्रेटरी भी हैं। हुड्डा ने 2024 लोकसभा चुनाव बिजनौर से BSP टिकट पर लड़ा था, जहां उन्हें 2.18 लाख वोट मिले, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे।
रैकेट का modus operandi बेहद संगठित था। आरोपी B.Sc, BA, LLB, B.Ed, फार्मेसी और B.Tech जैसी कोर्सों की फर्जी डिग्री-मार्कशीट तैयार करते थे। प्रत्येक दस्तावेज के लिए 50,000 से 4 लाख रुपये वसूले जाते थे। STF के अनुसार, यह धंधा सालों से चल रहा था, जिससे करोड़ों का काला धन कमाया गया। फर्जी डिग्री से नौकरियां हासिल करने वाले कई लोग अब STF के रडार पर हैं, खासकर पश्चिमी UP और हरियाणा में। हापुड़ DM अभिषेक पांडे ने मई में ही हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की थी। छापों के दौरान ED को फर्जी दस्तावेजों के अलावा कंप्यूटर, प्रिंटर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स मिले, जो मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत हैं।
ED ने कहा कि जांच जारी है, और और अधिक गिरफ्तारियां हो सकती हैं। STF ने 11 आरोपियों के खिलाफ हापुड़ CJM कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को भी जन्म दे रहा है। पूर्व STF चीफ ने कहा, “ऐसे रैकेट नौजवानों का भविष्य चुराते हैं। सख्त सजा जरूरी।” सरकार ने यूनिवर्सिटी कैंपस को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था, जो अब जांच के अधीन है। यह कार्रवाई अन्य फर्जी डिग्री मामलों के लिए मिसाल बनेगी, जहां हजारों युवाओं का करियर दांव पर लगा है।
