आजम खान का बिहार चुनाव पर तीखा तंज: ‘जंगलराज में जान का खतरा, रेल पटरी पर सिर नहीं रखूंगा’
आजम खान का बिहार चुनाव पर तीखा तंज: ‘जंगलराज में जान का खतरा, रेल पटरी पर सिर नहीं रखूंगा’
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रचार से दूरी बनाने का ऐलान करते हुए नीतीश कुमार सरकार पर ‘जंगलराज’ का तीखा हमला बोला है। लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अपनी दूसरी मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आजम ने कहा, “बिहार में जंगलराज है, जंगल में आदमी नहीं रहते। मैं जबरदस्ती रेल की पटरी पर अपना सिर नहीं रखूंगा।” उन्होंने साफ किया कि बिना पर्याप्त सुरक्षा के बिहार जाना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है। यह बयान बिहार चुनाव के पहले चरण के ठीक बाद आया है, जहां 64.66% रिकॉर्ड वोटिंग हुई, लेकिन अपराध और कानून-व्यवस्था के मुद्दे गरम हैं।
आजम खान ने अखिलेश से मुलाकात में पार्टी की रणनीति पर चर्चा की, लेकिन बिहार प्रचार के सवाल पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अगर अकेला चला जाऊंगा, तो आपने देखा है आखिरी हत्या किस तरह से हुई है। वहां जंगलराज में जान का खतरा है।” सपा ने आजम को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया था, लेकिन मुरादाबाद और लखनऊ के विभिन्न कार्यक्रमों में उन्होंने स्वास्थ्य, सुरक्षा और जंगलराज का हवाला देकर इनकार कर दिया। एक कार्यक्रम में उन्होंने जोड़ा, “मेरे पास वाई श्रेणी की सुरक्षा है, लेकिन पूरी नहीं। योगी सरकार अगर दे रही है तो पूरी तरह दे, नहीं तो मैं जोखिम नहीं लूंगा।” आजम ने बिहारवासियों से अपील की, “लोकतंत्र को बचाओ, धोखे या जज्बाती नारों में मत फंसो। एकता में फायदा है, बंटवारे में नहीं।”
यह बयान बिहार की सियासत में हंगामा मचा रहा है। एनडीए ने इसे ‘सपा की हार का डर’ बताया, जबकि महागठबंधन ने ‘जंगलराज’ की पुष्टि मानी। तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “आजम साहब सही कह रहे हैं, बिहार में अपराध का राज है।” बिहार में हाल की हत्याओं, जैसे सीवान और सारण में हुई घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई, लेकिन विपक्ष का दावा है कि दबाव में वोटिंग हुई। आजम का यह रुख सपा-राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) गठबंधन के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि आजम मुस्लिम वोटबैंक को मजबूत करने में माहिर हैं।
आजम खान जेल से रिहा होने के बाद सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी ‘सीतापुर जेल डायरी’ का विमोचन भी किया, जिसमें योगी सरकार पर अन्याय के आरोप लगाए। मुरादाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “50 साल की सियासत में कोई कोठी नहीं बनाई, फिर भी भूमाफिया का ठप्पा।” बिहार चुनाव के दूसरे चरण 11 नवंबर को हैं, जहां 94 सीटों पर वोटिंग होगी। सपा ने आजम को अभी भी लिस्ट में रखा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उनका इनकार गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठा रहा है। आजम ने असदुद्दीन ओवैसी का नाम लिए बिना कहा कि बंटवारा एनडीए को फायदा पहुंचाएगा।
यह बयान बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है, जहां अपराध मुद्दा प्रमुख है। एनडीए का दावा है कि विकास के नाम पर वोट मिलेंगे, लेकिन विपक्ष जंगलराज का नारा बुलंद कर रहा है। फिलहाल, आजम लखनऊ में ही रहेंगे, और बिहार प्रचार पर फैसला बाद में लेंगे। सियासी जानकारों का कहना है कि यह बयान सपा की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जो मुस्लिम-यादव वोटों को एकजुट करने के लिए है। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे, तब तक बहस जारी रहेगी।
