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ED की सख्त चेतावनी: ऑनलाइन सट्टेबाजी-जुए से दूर रहें, वरना 7 साल जेल और संपत्ति जब्त! 

ED की सख्त चेतावनी: ऑनलाइन सट्टेबाजी-जुए से दूर रहें, वरना 7 साल जेल और संपत्ति जब्त! 

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम नागरिकों के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए जैसी अवैध गतिविधियों से दूर रहें, क्योंकि इनमें फंसने पर न केवल 7 साल तक की सजा हो सकती है, बल्कि संपत्ति कुर्की की कार्रवाई भी हो सकती है। ED का कहना है कि ये गतिविधियां न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य अपराधों को बढ़ावा भी देती हैं। इसी क्रम में ED ने 1xBet ऑनलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन की 11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं।

ED की चेतावनी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नागरिक किसी भी सट्टेबाजी या जुए से जुड़ी गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल न हों। एजेंसी ने अपील की है कि अपने बैंक अकाउंट, डेबिट कार्ड, UPI आईडी या वॉलेट को किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर आने वाले ‘हाई रिटर्न’ या ‘पैसिव इनकम’ वाले लिंक पर क्लिक न करें। साथ ही, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप्स से दूरी बनाएं जो ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुए का प्रचार करते हैं। ED ने जोर देकर कहा कि जानबूझकर ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के तहत 7 साल तक की सजा और संपत्ति जब्ती हो सकती है। अगर किसी को शक हो कि उसका अकाउंट या पेमेंट मोड का गलत इस्तेमाल हो रहा है, तो तुरंत बैंक और स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

इस चेतावनी का एक बड़ा उदाहरण पूर्व क्रिकेटरों पर ED की कार्रवाई है। 1xBet वेबसाइट से जुड़े मामले में रैना और धवन की संपत्तियां कुर्क की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, धवन की 4.5 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति और रैना के 6.64 करोड़ के म्यूचुअल फंड को PMLA के तहत अस्थायी रूप से जब्त किया गया। जांच में पता चला कि दोनों ने विदेशी कंपनियों से समझौता कर 1xBet और उसके सहयोगियों का प्रचार किया, जबकि उन्हें इसकी गैरकानूनी प्रकृति की जानकारी थी। ED का दावा है कि ये प्रचार अवैध सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाले थे।

1xBet जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। वेबसाइट भारत में हजारों फर्जी बैंक खातों के जरिए मनी ट्रांजैक्शन कर रही थी। अब तक 6,000 से ज्यादा फर्जी खाते सामने आ चुके हैं। इन खातों से पैसे अलग-अलग पेमेंट गेटवे के माध्यम से ट्रांसफर किए जाते थे, ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके। कई गेटवे बिना KYC वेरिफिकेशन के मर्चेंट जोड़ रहे थे। ED के अनुसार, मनी लॉन्ड्रिंग का ट्रेल 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। इस मामले में ED ने चार पेमेंट गेटवे पर छापेमारी की और 60 से अधिक बैंक अकाउंट्स फ्रीज कर दिए। अब तक 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जब्त हो चुकी है।

ED के डायरेक्टर ने कहा, “ऑनलाइन सट्टेबाजी का जाल आम आदमी को फंसाता है। हमारी जांच से साफ है कि ये प्लेटफॉर्म मनी लॉन्ड्रिंग का हब हैं। नागरिकों से अपील है कि संदिग्ध वेबसाइट, ऐप या लेनदेन की जानकारी मिले तो तुरंत ED या पुलिस को बताएं।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई डिजिटल अपराधों पर लगाम कसेगी, खासकर युवाओं में सट्टेबाजी की लत को देखते हुए। क्या आपने कभी ऐसे लिंक पर क्लिक किया? सावधान रहें—एक गलत क्लिक जिंदगी बर्बाद कर सकता है।

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