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PoK में Gen Z का विद्रोह: शहबाज-मुनीर की सत्ता पर लटकी तलवार, नेपाल मॉडल की चेतावनी!

PoK में Gen Z का विद्रोह: शहबाज-मुनीर की सत्ता पर लटकी तलवार, नेपाल मॉडल की चेतावनी!

नेपाल में Gen Z की तूफानी प्रदर्शनों ने प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को कुर्सी से उखाड़ फेंका था, और अब वही आग पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में सुलग रही है। छात्रों के नेतृत्व में भड़के बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों ने शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर की हाइब्रिड सत्ता को हिलाकर रख दिया है। बढ़ती फीस, डिजिटल परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली की खामियां और घटिया शैक्षणिक सुविधाओं के खिलाफ शुरू हुए शांतिपूर्ण मार्च अब व्यापक आंदोलन में बदल चुके हैं—जिसमें भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सैन्य दमन के खिलाफ नारे गूंज रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मुजफ्फराबाद में एक व्यक्ति द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी दिखाई दे रही है, जो पुलिस की मौजूदगी में हुई। इससे उत्तेजित छात्रों ने टायर जलाए, तोड़फोड़ की और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

यह आंदोलन नेपाल के सितंबर 2025 के Gen Z विद्रोह की याद दिलाता है, जहां सोशल मीडिया बैन के बाद भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के खिलाफ युवाओं ने संसद भवन में आग लगा दी थी। वहां 19 मौतों के बाद ओली को इस्तीफा देना पड़ा। PoK में भी हालात बेकाबू हो रहे हैं। पिछले महीने राजनीतिक कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में हुई हिंसा के बाद अब Gen Z ने कमान संभाल ली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फराबाद से मीरपुर तक हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स वाले कंटेनर नदियों में फेंक दिए, इंटरनेट काट दिया गया और क्लैश में दो लोग मारे जा चुके हैं, जबकि 22 घायल हो चुके हैं। एक वीडियो में दिख रहा है कि छात्र पाकिस्तानी सेना और इस्लामाबाद से भेजी गई पुलिस पर पथराव कर रहे हैं।

शहबाज शरीफ सरकार ने पहले आंदोलन को दबाने के लिए गोली चलाई, लेकिन इससे गुस्सा और भड़क गया। अब यह सिर्फ शिक्षा सुधारों तक सीमित नहीं—बल्कि आसिम मुनीर के नेतृत्व वाली सेना के अत्याचारों और शरीफ परिवार की भ्रष्टाचार पर केंद्रित हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने जेल से ही मुनीर को “मानसिक रूप से अस्थिर तानाशाह” करार दिया है, जो PTI समर्थकों पर दमन का आरोपी है। खान ने कहा, “मुनीर की सत्ता की भूख ने पाकिस्तान को तबाह कर दिया है।” PTI ने भी इन प्रदर्शनों का समर्थन किया है, लेकिन Gen Z का आंदोलन लीडरलेस है—जैसे बांग्लादेश और श्रीलंका में हुआ था। दक्षिण एशिया में Gen Z की लहर अब इंडोनेशिया, फिलीपींस और केन्या तक फैल चुकी है, जहां युवा असमानता, भ्रष्टाचार और नेपोटिज्म के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं।

PoK में यह नया विद्रोह पुराने आंदोलनों से अलग है। पहले राजनीतिक नेता आगे थे, लेकिन अब 18-25 साल के छात्र सोशल मीडिया के जरिए संगठित हो रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमने कड़ी मेहनत की, लेकिन भविष्य चुरा लिया गया। अब हम चुप नहीं रहेंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सरकार ने मांगें नहीं मानीं—जैसे फीस माफी, बेहतर नौकरियां और पारदर्शी परीक्षाएं—तो यह आंदोलन पूरे पाकिस्तान में फैल सकता है। शहबाज शरीफ ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई है। मुनीर की सेना पर दबाव बढ़ रहा है, खासकर अफगानिस्तान बॉर्डर पर तनाव के बीच।

क्या शहबाज-मुनीर की जोड़ी नेपाल जैसा अंत देखेगी? फिलहाल, PoK ठप्प पड़ा है—स्कूल बंद, सड़कें अवरुद्ध। Gen Z की यह आवाज न सिर्फ पाकिस्तान, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चेतावनी है: युवाओं का गुस्सा दबाया नहीं जा सकता। समय रहते सुधार न आए तो सत्ता का भविष्य अधर में लटक सकता है।

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