देव दिवाली पर बनेगा ये दुर्लभ संयोग, जरूर करें ये काम: खुशियों की बरसात हो जाएगी!
देव दिवाली पर बनेगा ये दुर्लभ संयोग, जरूर करें ये काम: खुशियों की बरसात हो जाएगी!
हिंदू पंचांग के अनुसार, कल 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर देव दीपावली (देव दिवाली) का त्योहार धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पर्व देवताओं की दिवाली के नाम से जाना जाता है, जब सभी देवगण पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों जैसे गंगा में स्नान करते हैं और दीप जलाते हैं। लेकिन इस बार की देव दिवाली कुछ खास है! ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, इस दिन शिववास योग, भद्रावास योग और बव करण जैसे दुर्लभ संयोग बनेंगे, जो 500 सालों में कम ही देखने को मिलते हैं। ये योग भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा बरसाएंगे, जिससे घर-परिवार में सुख-समृद्धि और आकस्मिक धन लाभ के द्वार खुल जाएंगे। खासकर वृश्चिक, मेष और सिंह राशि वालों का गोल्डन टाइम शुरू हो सकता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश शास्त्री ने बताया, “इस वर्ष चंद्रमा मेष राशि में विराजमान रहेंगे, जो शिववास योग के साथ मिलकर राजयोग का निर्माण करेंगे। यह संयोग मनोकामनाओं को पूरा करने वाला है।” वाराणसी के घाटों पर लाखों दीये जलाने की तैयारी जोरों पर है, जहां श्रद्धालु स्नान-दान के साथ इन योगों का लाभ उठाएंगे।
देव दिवाली 2025: दुर्लभ संयोगों का जादू
इस बार देव दिवाली पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं, जो सामान्य दिनों से कहीं ज्यादा शुभ फलदायी साबित होंगे:
शिववास योग: शाम 6:48 बजे से शुरू होगा। इस योग में भगवान शिव और पार्वती जी की पूजा से करियर में उन्नति, धन लाभ और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होगी। ज्योतिषियों का कहना है कि यह योग दुर्लभ है और साधक की हर मनोकामना पूरी करेगा।
भद्रावास योग: सुबह 8:44 बजे तक रहेगा। इस दौरान भद्रा स्वर्ग लोक में रहेंगी, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। कोई भी शुभ काम शुरू करने का इससे बेहतर समय नहीं।
बव करण और बालव करण: संध्याकाल 8:44 बजे तक बव करण, उसके बाद बालव। इनमें दीपदान और आरती करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होगा।
पूर्णिमा तिथि 4 नवंबर रात 10:36 बजे से शुरू होकर 5 नवंबर रात 11:36 बजे तक रहेगी। चंद्रमा का मेष राशि में गोचर इन योगों को और मजबूत बनाएगा।
जरूर करें ये काम: शुभ फल पाने के आसान उपाय
देव दिवाली के इन दुर्लभ संयोगों का लाभ उठाने के लिए ज्योतिषियों ने कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपाय सुझाए हैं। इन्हें अपनाने से घर में खुशियों की बरसात हो जाएगी:
सुबह पवित्र नदी में स्नान: अगर संभव हो तो गंगा या किसी नदी में डुबकी लगाएं। इससे पापों का नाश होगा और शिव कृपा प्राप्त होगी। घर पर गंगाजल से स्नान भी कर सकते हैं।
शिव-पार्वती पूजन: शिववास योग में भगवान शिव का अभिषेक करें। ‘ओम नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे।
दीपदान और आरती: संध्या काल में 11 दीये जलाकर गंगा या घर के मुख्य द्वार पर दीपदान करें। ‘ओम त्रिपुरांतकाय विद्महे…’ मंत्र का जाप करें। यह नकारात्मक शक्तियों को दूर करेगा।
दान-पुण्य: भद्रावास योग में सफेद वस्त्र, दूध या चावल का दान करें। इससे स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहेगी।
राशि विशेष टिप्स: वृश्चिक राशि वाले करियर से जुड़े फैसले लें, मेष वाले धन निवेश करें, और सिंह वाले पारिवारिक विवाद सुलझाएं।
राशि पर असर: इन 3 राशियों का चमकेगा भाग्य
वृश्चिक: करियर में नई ऊंचाइयां, प्रमोशन के योग।
मेष: आर्थिक लाभ, निवेश में सफलता।
सिंह: पारिवारिक सुख, स्वास्थ्य में सुधार।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये संयोग न सिर्फ व्यक्तिगत जीवन को समृद्ध करेंगे, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करेंगे। देव दिवाली पर वाराणसी में होने वाले दीपोत्सव को देखने के लिए लाखों पर्यटक पहुंच रहे हैं।
