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ISRO का ‘बाहुबली’ रॉकेट LVM3-M5 सफल: सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 (GSAT-7R) लॉन्च, भारतीय नौसेना की क्षमता में इजाफा

ISRO का ‘बाहुबली’ रॉकेट LVM3-M5 सफल: सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 (GSAT-7R) लॉन्च, भारतीय नौसेना की क्षमता में इजाफा

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज अपनी सबसे शक्तिशाली लॉन्च व्हीकल LVM3-M5 ‘बाहुबली’ रॉकेट से सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 (GSAT-7R) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। यह लॉन्च 17:26 बजे IST पर सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से हुआ, और रॉकेट ने उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित कर दिया। 4,410 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह भारत का अब तक का सबसे भारी स्वदेशी संचार सैटेलाइट है, जो भारतीय नौसेना की समुद्री संचार क्षमता और महासागर क्षेत्र में निगरानी को मजबूत करेगा। ISRO चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने इसे “आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक” बताया, और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसे “भारत की बाहुबली” कहकर सराहा। लॉन्च ISRO के यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जिसे लाखों ने देखा।

लॉन्च की झलक: बाहुबली का उड़ान भरना

LVM3-M5, जो 4,000 किग्रा GTO पेलोड ले जाने में सक्षम है, ने 56 मिनट में उपग्रह को सही कक्षा में पहुंचा दिया। यह रॉकेट का पांचवां ऑपरेशनल मिशन है, जो चंद्रयान-3 के बाद एक और सफलता है। उपग्रह GSAT-7 (रुक्मिणी) का उन्नत संस्करण है, जो 2013 में लॉन्च हुआ था। CMS-03 मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सैटेलाइट है, जो भारतीय मुख्यभूमि और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित संचार, वॉयस, डेटा और वीडियो सेवाएं प्रदान करेगा। पृथक्करण के बाद उपग्रह अपनी अंतिम जियोस्टेशनरी पोजीशन में पहुंचेगा, और इसकी जीवन अवधि 15 वर्ष है। ISRO ने कहा कि यह मिशन नौसेना की ‘आत्मनिर्भरता’ को मजबूत करेगा, खासकर जटिल सुरक्षा चुनौतियों के दौर में।

महत्व: नौसेना को मिलेगी नई ताकत

नौसेना के लिए फायदे: GSAT-7R नौसेना को एन्क्रिप्टेड संचार, मिसाइल ट्रैकिंग और समुद्री निगरानी में मदद करेगा। यह INS विक्रांत जैसे विमानवाहक पोत, पनडुब्बियों और तटीय स्टेशनों को रीयल-टाइम कनेक्टिविटी देगा।

तकनीकी उपलब्धि: 4,410 किग्रा का यह उपग्रह GSAT-11 (5,854 किग्रा, 2018 में विदेशी रॉकेट से लॉन्च) से भी भारी है, लेकिन स्वदेशी रॉकेट से लॉन्च होने से ISRO की क्षमता साबित हुई। LVM3 की क्रायोजेनिक स्टेज ने भारी पेलोड को सटीकता से पहुंचाया।

भविष्य के मिशन: इस सफलता के बाद ISRO दिसंबर में अमेरिकी सैटेलाइट ब्लूबर्ड लॉन्च करेगा, और गगनयान के लिए ह्यूमन-रेटेड LVM3 तैयार कर रहा है।

ISRO का यह मिशन भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाई देगा, जहां सैन्य संचार सैटेलाइट्स की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। CM श्रीहरिकोटा ने कहा, “यह LVM3 की सफलता है, जो भविष्य के भारी मिशनों का आधार बनेगा।” लॉन्च वीडियो ISRO वेबसाइट पर उपलब्ध।

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