वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल ₹3 और CNG ₹2 महंगा; विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला, आम जनता ने जताया संतोष
वैश्विक संकट के बीच देश में पेट्रोल-डीजल ₹3 और CNG ₹2 महंगा; विपक्ष का सरकार पर तीखा हमला, आम जनता ने जताया संतोष
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) संकट और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच भारत में आम आदमी को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3.00 रुपये से लेकर 3.60 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसके साथ ही सीएनजी (CNG) के दामों में भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया है। करीब चार साल की स्थिरता के बाद ईंधन की कीमतों में यह पहला बड़ा बदलाव है।
इस फैसले को लेकर देश में सियासत पूरी तरह गरमा गई है। विपक्ष जहां इसे ‘वसूली’ बताकर सरकार पर हमलावर है, वहीं सत्ता पक्ष इसे वैश्विक संकट के बीच सरकार की मजबूरी और एक नियंत्रित कदम बता रहा है।
दिल्ली में नए रेट: पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 पर पहुंचा
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की नई कीमत 3.14 रुपये बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली में सीएनजी की नई दर 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। स्थानीय टैक्स (VAT) के कारण अलग-अलग राज्यों और शहरों में ये कीमतें अलग हो सकती हैं।
विपक्ष का हमला: “चुनाव खत्म, वसूली शुरू”
ईंधन के दाम बढ़ते ही विपक्ष ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।
अखिलेश यादव (सपा मुखिया): समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर साइकिल चलाते हुए अपना एक स्कैच पोस्ट कर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “हमने तो पहले ही कहा है कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।” इसके जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की ‘पेट्रोल कम खर्च करने’ की अपील पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस पार्टी: कांग्रेस ने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा, “‘महंगाई मैन’ ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए महंगा कर दिया गया। वहीं, सीएनजी के दाम भी 2 रुपए बढ़ा दिए गए। चुनाव खत्म-वसूली शुरू।”
जयराम रमेश (कांग्रेस महासचिव): उन्होंने दावा किया कि इस बढ़ोतरी से देश में चौतरफा महंगाई बढ़ेगी और आर्थिक विकास दर प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वैश्विक बाजार में कच्चा तेल सस्ता था, तब मोदी सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय मुनाफा कमाया।
सत्ता पक्ष का बचाव: “वैश्विक संकट के बावजूद देश को बड़े बोझ से बचाया”
विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल के बीजेपी नेता और मंत्री दिलीप घोष ने सरकार का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस समय युद्ध और पेट्रोलियम संकट से जूझ रही है, इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के नागरिकों पर बड़ा बोझ बढ़ने से बचा लिया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही मामूली बढ़ोतरी है ताकि देश की जनता को ज्यादा परेशानी न हो।
आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया: “सिर्फ तीन रुपये बढ़े, हम संतुष्ट हैं”
हैरानी की बात यह है कि इस बार आम उपभोक्ताओं में कीमतों के बढ़ने को लेकर ज्यादा आक्रोश नहीं दिख रहा है, बल्कि लोग इसके लिए पहले से तैयार थे।
पहले उपभोक्ता का कहना है: “कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद तो सबको थी ही, क्योंकि मिडिल ईस्ट के हालात खराब हैं। लेकिन इस बात की राहत है कि कीमतें सिर्फ तीन रुपये ही बढ़ी हैं। अगर पीएम मोदी की सरकार है, तो एक बात तय है कि वैश्विक स्तर पर भारी उछाल के बावजूद यहां सिर्फ मामूली बढ़ोतरी हुई है, इसलिए हम इससे संतुष्ट हैं।”
दूसरे उपभोक्ता ने कहा: “इस समय पूरी दुनिया में पेट्रोलियम को लेकर बड़ा संकट चल रहा है। मध्य-पूर्व (Middle East) हमारी ईंधन सप्लाई का मुख्य जरिया है, जहां युद्ध जैसे हालात हैं। ऐसे समय में अगर सरकार ने सिर्फ तीन रुपये बढ़ाए हैं, तो हमें विरोध करने के बजाय स्थिति को समझते हुए सरकार का समर्थन करना चाहिए।”
