ताइवान पर चीन की बढ़ती सैन्य घेराबंदी: 8 युद्धपोत और 5 लड़ाकू विमान, मध्य रेखा पार करने का खतरा
ताइवान पर चीन की बढ़ती सैन्य घेराबंदी: 8 युद्धपोत और 5 लड़ाकू विमान, मध्य रेखा पार करने का खतरा
हां, यह खबर सत्यापित है और ताइवान स्ट्रेट में तनाव को नई ऊंचाई दे रही है। 1 नवंबर 2025 को ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने रिपोर्ट किया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने ताइवान के आसपास 8 युद्धपोतों और 5 लड़ाकू विमानों की तैनाती की, जिनमें से 3 विमानों ने अनौपचारिक मध्य रेखा (मीडियन लाइन) को पार किया। यह गतिविधि ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) में दर्ज की गई, जो बीजिंग की “जॉइंट कॉम्बैट रेडीनेस पैट्रोल” का हिस्सा बताई जा रही है।
घटना की पूरी जानकारी
समय और दायरा: सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक की 24 घंटे की अवधि में PLA ने ताइवान के उत्तरी, दक्षिण-पश्चिमी और पूर्वी ADIZ में घुसपैठ की। 8 युद्धपोतों में डिस्ट्रॉयर, फ्रिगेट्स और सपोर्ट शिप्स शामिल थे, जो ताइवान स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में तैनात थे। 5 लड़ाकू विमानों (संभवतः J-16 या J-10 मॉडल) में से 3 ने मीडियन लाइन पार की, जो दशकों से दोनों पक्षों के बीच अनौपचारिक सीमा रही है।
ताइवान की प्रतिक्रिया: MND ने तुरंत फाइटर जेट्स (F-16 और मिराज 2000) स्क्रैम्बल किए, नौसेना के जहाज तैनात किए और तटीय मिसाइल सिस्टम एक्टिवेट किए। कोई प्रत्यक्ष टकराव नहीं हुआ, लेकिन ताइवान ने इसे “प्रोवोकेटिव” करार दिया।
चीन का दावा: PLA ने इसे “रूटीन ट्रेनिंग” बताया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह ताइवान की नवीनतम अमेरिकी हथियार खरीद (जैसे F-16V जेट्स) के जवाब में है।
पृष्ठभूमि: क्यों बढ़ रही हलचल?
चीन ने 2022 के बाद से मीडियन लाइन को “अमान्य” घोषित कर दिया है, और 2025 में घुसपैठें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। जनवरी 2025 में ही 41 विमानों और जहाजों ने ताइवान को घेरा था। नवंबर-दिसंबर में वार्षिक ट्रेनिंग के चरम पर PLA की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, जिसमें लॉन्ग-रेंज मिशन और ड्रोन उड़ानें शामिल हैं। यह “ग्रे जोन” टैक्टिक्स का हिस्सा है—पूर्ण युद्ध के बिना दबाव बनाने की रणनीति।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका: पेंटागन ने “निगरानी” की बात कही और ताइवान को समर्थन दोहराया। यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड ने कहा कि यह “क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा” है।
जापान: जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने PLA विमानों पर नजर रखी, क्योंकि कुछ उड़ानें ओकिनावा के पास से गुजरीं।
ताइवान: राष्ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी कि यह “तनाव में वृद्धि” का संकेत है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की।
यह घटना ताइवान पर चीन की “रीयूनिफिकेशन” दबाव को दर्शाती है, जो 2025 में और तेज हो सकती है।
