जर्मनी में बर्ड फ्लू का कहर: 2000 से ज्यादा सारस पक्षी मरे, प्रवासी क्रेनों पर भारी संकट
जर्मनी में बर्ड फ्लू का कहर: 2000 से ज्यादा सारस पक्षी मरे, प्रवासी क्रेनों पर भारी संकट
जर्मनी में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) ने पक्षी जगत में भयानक तबाही मचा दी है। बर्लिन के पास लिनम (Linum) गांव के आसपास, जो पक्षी प्रेमियों का स्वर्ग है, हाल के दिनों में लगभग 2000 से ज्यादा मृत सारस पक्षी (क्रेन) बरामद हो चुके हैं। स्वयंसेवक और पर्यावरण कार्यकर्ता सुरक्षात्मक उपकरणों में लाशें इकट्ठा कर रहे हैं, जो इस महामारी की भयावहता को दर्शाता है।
यह क्षेत्र गर्मियों में स्टॉर्क्स के घोंसलों और सर्दियों में हजारों प्रवासी क्रेनों का प्रमुख पड़ाव है। लेकिन इस बार H5N1 स्ट्रेन वाले बर्ड फ्लू ने क्रेनों को विशेष रूप से निशाना बनाया। सोमवार शाम तक 1,875 लाशें मिल चुकी थीं, और आंकड़ा 2,000 से पार हो गया। बीमार पक्षी लड़खड़ाते हुए गिर रहे हैं, जबकि स्वस्थ क्रेन ऊपर उड़ान भर रहे हैं।
फ्रेडरिक लॉफलर इंस्टीट्यूट (जर्मनी का पशु स्वास्थ्य विभाग) के अनुसार, सितंबर से 30 आउटब्रेक दर्ज हुए हैं। पोल्ट्री फार्मों पर 5 लाख से ज्यादा मुर्गियां, बत्तखें और टर्की मार दी गईं। ब्रैंडेनबर्ग पर्यावरण एजेंसी के जैव वैज्ञानिक नॉर्बर्ट श्नेवाइस ने इसे “अभूतपूर्व आपदा” बताया। पक्षी दर्शन टूर रद्द कर दिए गए हैं।
स्वयंसेवक लारा वाइनमैन ने बताया, “यह भावनात्मक रूप से थकाऊ है, लेकिन संरक्षण के लिए जरूरी।” फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, अन्य जंगली पक्षियों पर असर नहीं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी पक्षियों के माध्यम से वायरस पूरे यूरोप में फैल सकता है। मानव संक्रमण का खतरा कम, लेकिन सतर्कता बरतनी होगी।
यह घटना जलवायु परिवर्तन और माइग्रेशन पैटर्न पर बर्ड फ्लू के प्रभाव को उजागर करती है। जर्मनी सरकार ने निगरानी तेज कर दी है।
