रिफाइंड ऑइल क्यों है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक? जानिए वैज्ञानिक कारण
रिफाइंड ऑइल क्यों है स्वास्थ्य के लिए हानिकारक? जानिए वैज्ञानिक कारण
रिफाइंड तेल (सूरजमुखी, सोयाबीन, पाम ऑयलिन आदि) रोज़मर्रा के खाने में आम हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ये स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकते हैं। WHO और ICMR ने भी बार-बार उपयोग पर चेतावनी दी है।
1. हानिकारक रासायनिक प्रक्रिया
रिफाइंड तेल बनाने में हीटिंग, ब्लीचिंग, डीओडोराइजेशन और हेक्सेन (पेट्रोलियम डेरिवेटिव) जैसे रसायनों का उपयोग होता है। इससे पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और ट्रांस फैट्स बनते हैं।
2. ट्रांस फैट्स का खतरा
– 1 ग्राम ट्रांस फैट से हृदय रोग का जोखिम 20% बढ़ता है।
– WHO ने 2023 तक ट्रांस फैट्स को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा।
– भारत में FSSAI ने 2022 से 2% से अधिक ट्रांस फैट प्रतिबंधित किया।
3. दोबारा गर्म करने पर बनता HNE
रिफाइंड तेल को बार-बार गर्म करने (जैसे तलने में) से 4-HNE (टॉक्सिक कंपाउंड) बनता है, जो कैंसर, अल्जाइमर, लीवर डैमेज का कारण बन सकता है।
4. ओमेगा-6 का असंतुलन
रिफाइंड तेलों में ओमेगा-6 फैटी एसिड बहुत अधिक होता है, जिससे सूजन (inflammation) बढ़ती है। आदर्श अनुपात 1:1 होना चाहिए, लेकिन ये 20:1 तक पहुँच जाता है।
5. पोषक तत्वों की कमी
विटामिन E, एंटीऑक्सीडेंट्स रिफाइनिंग में नष्ट हो जाते हैं। कोल्ड-प्रेस्ड तेलों की तुलना में पोषण शून्य।
विकल्प क्या?
– कोल्ड-प्रेस्ड तेल (सरसों, नारियल, जैतून)
– घी, मक्खन (सीमित मात्रा में)
– एक ही तेल बार-बार न गर्म करें
निष्कर्ष: रिफाइंड तेल सुविधाजनक हैं, लेकिन लंबे समय में हानिकारक। स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक, कम प्रोसेस्ड तेल चुनें।
