नागपुर: कोहनी से धक्का, चिकोटी काटी… गडकरी के सामने मंच पर भिड़ीं दो महिला अधिकारी, वीडियो वायरल
नागपुर: कोहनी से धक्का, चिकोटी काटी… गडकरी के सामने मंच पर भिड़ीं दो महिला अधिकारी, वीडियो वायरल
महाराष्ट्र के नागपुर में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में एक सरकारी कार्यक्रम के मंच पर दो वरिष्ठ महिला अधिकारियों के बीच विवाद ने सबको हैरान कर दिया। रोजगार मेले के दौरान पोस्टमास्टर जनरल शोभा मधले (नारंगी साड़ी) और सुचिता जोशी (ग्रे साड़ी) के बीच तीखी नोकझोंक से शुरू हुआ मामला धक्का-मुक्की और चिकोटी काटने तक पहुंच गया। पूरा वाकया कैमरे में कैद हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक हलकों में सनसनी फैला दी है, बल्कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।
घटना गुरुवार दोपहर नागपुर के एक प्रमुख सभागार में आयोजित रोजगार मेले के दौरान हुई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान थे, जहां युवाओं को रोजगार के अवसरों पर चर्चा हो रही थी। सुचिता जोशी, जो वर्तमान में नागपुर का कार्यभार संभाल रही हैं, को मंच पर आमंत्रित किया गया था। इसी बीच शोभा मधले भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं और जोशी के बगल में सोफे पर बैठ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुराने विभागीय विवाद के कारण दोनों के बीच तनाव भड़क गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि मधले जोशी को कोहनी से धक्का दे रही हैं, उनका हाथ झटक रही हैं और यहां तक कि चिकोटी भी काट रही हैं। जोशी ने भी प्रतिक्रिया में हाथ हिलाए, लेकिन विवाद ज्यादा न बढ़े इसके लिए आयोजकों ने हस्तक्षेप किया।
यह विवाद शोभा मधले के हालिया ट्रांसफर से जुड़ा बताया जा रहा है। मधले का स्थानांतरण कर्नाटक के घरवाड़ में हो चुका था, लेकिन उन्होंने कोर्ट जाकर इसे रोक लिया। इस दौरान उनका चार्ज सुचिता जोशी को सौंप दिया गया। विभागीय स्रोतों के मुताबिक, चार्ज हैंडओवर को लेकर दोनों के बीच पहले से ही मतभेद चल रहे थे। वीडियो में गडकरी मंच के बीच में बैठे नजर आ रहे हैं, लेकिन वे विवाद से अनभिज्ञ लग रहे हैं। आयोजकों ने तुरंत दोनों को अलग किया, लेकिन तब तक पूरा वाकया रिकॉर्ड हो चुका था।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इसे ‘शर्मनाक’ करार दिया। NDTV इंडिया ने X पर शेयर किया, तो हजारों व्यूज आ गए। कई यूजर्स ने लिखा, “महिला सशक्तिकरण का ढोंग! मंच पर ही लड़ रही हैं।” विभाग ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सूत्रों के अनुसार, डाक विभाग के उच्च अधिकारियों ने दोनों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना है, जिसमें निलंबन या पदावनति शामिल हो सकती है। नागपुर के डाक महानिदेशालय ने कहा, “मामले की तत्काल जांच की जा रही है।”
यह घटना न केवल सरकारी कार्यक्रमों की गरिमा पर सवाल खड़ी करती है, बल्कि विभागीय कलह को उजागर करती है। क्या इस विवाद से रोजगार मेले का उद्देश्य प्रभावित होगा, या यह सिर्फ एक व्यक्तिगत झड़प साबित होगी?
