राष्ट्रीय

देवरिया: समलैंगिक दोस्त ने की 6 साल की बेटी से रेप की कोशिश, पिता ने चाकू से वार किया तो आरोपी घायल; सदमे में पिता ने फांसी लगाई

देवरिया: समलैंगिक दोस्त ने की 6 साल की बेटी से रेप की कोशिश, पिता ने चाकू से वार किया तो आरोपी घायल; सदमे में पिता ने फांसी लगाई

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक सनसनीखेज घटना ने समाज को झकझोर दिया है। एक समलैंगिक जोड़े में से एक व्यक्ति ने अपने पार्टनर की मासूम 6 साल की बेटी के साथ रेप की कोशिश की, जिसके बाद गुस्साए पिता ने आरोपी पर चाकू से हमला कर दिया। लेकिन सदमे और अपमान से आहत पिता ने शुक्रवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो गंभीर रूप से घायल है।

घटना खुखुन्दू थाना क्षेत्र के एक गांव की है। मृतक पिता (नाम गोपनीय) एक ऑर्केस्ट्रा डांसर था, जो अविवाहित आरोपी रामबाबू यादव के साथ कई वर्षों से पति-पत्नी की तरह एक ही किराए के मकान में रहता था। रामबाबू मजदूर है और दोनों के बीच समलैंगिक संबंध थे। मृतक की पत्नी पहले ही अलग हो चुकी थी, लेकिन हाल ही में उनकी 6 साल की बेटी पिता के पास रहने आई थी। 21 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे रामबाबू ने नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर पिता जाग उठा और गुस्से में आकर चाकू से आरोपी के प्राइवेट पार्ट पर वार कर दिया। रामबाबू खून से लथपथ हो गया और उसे तुरंत देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।

पुलिस पूछताछ में रामबाबू ने अपना अपराध कबूल करते हुए समलैंगिक संबंध स्वीकार किए। पीड़िता के पिता ने तहरीर दी, जिस पर POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। लेकिन घटना के बाद मृतक को समाजिक अपमान सहना पड़ा। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने उन्हें ‘गे’ बताकर ताने मारे, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। मृतक की बहन ने बताया, “भाई रामबाबू को अपना सबसे अच्छा दोस्त मानता था। घटना के बाद वह रात भर रोया और कहा, ‘अब सुकून मिला।'” शुक्रवार सुबह घर के अंदर फंदे से लटका मिला। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

एडिशनल एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया, “आरोपी की हालत गंभीर है, लेकिन स्थिर। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले की गहन जांच चल रही है।” बच्ची को काउंसलिंग दी जा रही है और उसे सुरक्षित रखा गया है। मृतक के परिवार ने न्याय की मांग की है।

यह घटना न केवल बाल यौन शोषण की भयावहता दर्शाती है, बल्कि समलैंगिक संबंधों को लेकर समाजिक कलंक की गहराई भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में मानसिक स्वास्थ्य सहायता जरूरी है। प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *