राजनीति

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर तीखा प्रहार: “लालू यादव अपने परिवार के अलावा किसी को सत्ता नहीं दे सकते”

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का लालू परिवार पर तीखा प्रहार: “लालू यादव अपने परिवार के अलावा किसी को सत्ता नहीं दे सकते”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभूमि में राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है। महागठबंधन के तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का आधिकारिक चेहरा घोषित करने के एक दिन बाद ही एनडीए ने जोरदार पलटवार किया। बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “लालू यादव अपने परिवार के अलावा किसी को सत्ता नहीं दे सकते। बिहार की जनता जानती है कि राजद में परिवारवाद का राज चलता है, जहां चोर के बेटे को सीएम का चेहरा बनाकर लोकतंत्र को शर्मसार किया जा रहा है।” चौधरी ने चारा घोटाले का हवाला देते हुए लालू को “सजा पा चुका अपराधी” बताया और दावा किया कि बिहार फिर से जंगलराज नहीं झेलेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सम्राट चौधरी ने तेजस्वी यादव के नाम की घोषणा को “लोकतंत्र का काला दिन” करार दिया। उन्होंने कहा, “लालू प्रसाद यादव 15 साल तक मुख्यमंत्री रहे, लेकिन उन्होंने नौकरियां नहीं दीं—बल्कि चारा घोटाले में 950 करोड़ की लूट की। उनके राज में अपराधियों को संरक्षण मिला, गरीबों की जमीनें हड़पी गईं। अब बेटे को आगे करके वही पुरानी फिल्म दोहराने की कोशिश हो रही है। लेकिन बिहार की जनता ने 20 साल के ‘लालू-रबड़ी राज’ का कड़वा अनुभव लिया है, वे फिर से परिवारवाद और भ्रष्टाचार की सत्ता नहीं सौंपेंगे।” चौधरी ने महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय दल भी RJD के परिवारवाद का साथ दे रहे हैं, जो “चोर के बेटे” को सत्ता सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने नीतीश कुमार की स्थिर सरकार की तारीफ की और कहा कि एनडीए बिहार को विकास की राह पर ले जाएगा।

यह बयान तेजस्वी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक बाद आया, जहां उन्होंने NDA पर “नीतीश को उपभोग करने” का आरोप लगाया था। सम्राट चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा, “लालू परिवार का दुर्भाग्य है कि 20 साल तक बिहार को लूटने वाले अब बेटे को गद्दी थमाने की फिराक में हैं। लेकिन जनता ने फैसला कर लिया है—NDA को 14 नवंबर को फिर से जीत दिलाएंगे।” चौधरी ने चारा घोटाले में लालू परिवार की सजा का जिक्र करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची उनकी बेईमानी अब बिहार को नहीं भूलनी चाहिए।

महागठबंधन की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। RJD नेता और तेजस्वी के करीबी मान्यंद्र सिंह ने कहा, “सम्राट चौधरी खुद परिवारवाद के चैंपियन हैं। वे नीतीश कुमार के साथ मिलकर बिहार को लूट रहे हैं। जनता तेजस्वी को रोजगार और विकास का चेहरा मानती है, न कि भ्रष्टाचार का।” कांग्रेस के बिहार प्रभारी अशोक गहलोत ने इसे “एनडीए की हताशा” बताया, लेकिन तेजस्वी ने अभी तक व्यक्तिगत जवाब नहीं दिया। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह बयानबाजी चुनावी माहौल को और गरमा देगी, खासकर मुस्लिम-यादव वोट बैंक को लक्षित करके।

पिछले कुछ महीनों में सम्राट चौधरी ने लालू परिवार पर कई बार निशाना साधा है—चाहे चारा घोटाले की रिकवरी हो या ‘माई-बहन मान’ योजना पर। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता लालू के “गुंडा राज” को दोहराने नहीं देगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां एनडीए समर्थक इसे शेयर कर रहे हैं। बिहार चुनाव अब व्यक्तिगत हमलों का मैदान बन चुका है, और 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान तय करेगा कि परिवारवाद जीतेगा या विकास।

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