मैथिली के प्रचार में केतकी सिंह ने फेंका पाग: विवाद के बाद दी सफाई, कहा- ‘यह भारतवंशियों का सम्मान का प्रतीक’
मैथिली के प्रचार में केतकी सिंह ने फेंका पाग: विवाद के बाद दी सफाई, कहा- ‘यह भारतवंशियों का सम्मान का प्रतीक’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी के बीच बीजेपी विधायक केतकी सिंह एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गईं। उत्तर प्रदेश के बांसडीह से विधायक केतकी सिंह ने दरभंगा के अलीनगर में NDA कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान ‘पाग’ को मंच पर फेंक दिया। यह घटना मैथिली ठाकुर (दरभंगा से बीजेपी प्रत्याशी) के प्रचार के दौरान हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया, लेकिन केतकी ने सफाई देते हुए इसे मैथिली ठाकुर के सम्मान से जोड़ा।
बुधवार (22 अक्टूबर) को अलीनगर में आयोजित NDA सम्मेलन में केतकी सिंह का स्वागत मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग पहनाकर किया गया। मंच पर मैथिली ठाकुर, बिहार सरकार के मंत्री हरि सहनी, दरभंगा सांसद गोपालजी ठाकुर, चुनाव प्रभारी उपेंद्र तिवारी और बीजेपी जिलाध्यक्ष विनय पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। केतकी ने पाग हाथ में लेकर कहा, “हम बलिया से आए हैं, आपने हमें पाग पहनाया। ये पाग क्या है? इसका सम्मान नहीं, बल्कि बगल में बैठी मैथिली ठाकुर ही असली सम्मान हैं।” इसके बाद उन्होंने पाग को मंच की ओर फेंक दिया। यह बयान और हरकत मिथिला की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली लगी, क्योंकि पाग यहां सम्मान, अस्मिता और ब्राह्मण संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।
वीडियो वायरल होते ही विपक्ष ने बीजेपी पर हमला बोला। RJD नेता ने इसे “मिथिला संस्कृति का अपमान” बताया, जबकि स्थानीय कार्यकर्ताओं ने कहा कि “पाग फेंकना पूरे क्षेत्र की भावनाओं को चोट पहुंचाना है।” मंच पर मौजूद नेताओं की चुप्पी ने भी सवाल खड़े कर दिए। सोशल मीडिया पर #KetkiSinghPaag और #MithilaInsult ट्रेंड करने लगा, जहां यूजर्स ने केतकी की पुरानी विवादास्पद बयानबाजी का जिक्र किया। केतकी सिंह पहले भी अपने बयानों से सुर्खियों में रहीं—जैसे पहलगाम गोलीबारी पर हिंदू-मुस्लिम पहचान का दावा या अखिलेश यादव पर ‘टोटी चोर’ टिप्पणी।
विवाद बढ़ते ही केतकी ने गुरुवार को सफाई दी। उन्होंने कहा, “यह पाग सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व में किसी भी भारतवंशी के लिए सम्मान का प्रतीक है। मैथिली ठाकुर भी मिथिला की बेटी हैं और उनका भी उतना ही सम्मान होना चाहिए जितना इस पाग का। हम क्षत्रिय हैं और ब्राह्मण हमारे लिए पूजनीय हैं।” उन्होंने विपक्ष पर तंज कसा, “विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए ऐसे छोटे-छोटे बयानों को लेकर राजनीति कर रहा है।” केतकी ने जोर देकर कहा कि उनका इरादा मैथिली ठाकुर की तारीफ करना था, न कि अपमान।
यह विवाद बिहार चुनाव में बीजेपी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है, खासकर मिथिला क्षेत्र में जहां सांस्कृतिक मुद्दे संवेदनशील हैं। मैथिली ठाकुर ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन उनके समर्थक इसे “मिसअंडरस्टैंडिंग” बता रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि केतकी जैसे बाहरी नेताओं के बयान स्थानीय भावनाओं को भड़का सकते हैं। वीडियो अब लाखों व्यूज बटोर चुका है, और NDA कैंप में डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तेज हो गई हैं।
