भाई दूज आज: जानें भाई को तिलक करने का सबसे शुभ मुहूर्त
भाई दूज आज: जानें भाई को तिलक करने का सबसे शुभ मुहूर्त
भाई दूज (यम द्वितीया) का पावन पर्व आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि के अनुसार, यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। बहनें अपने भाइयों का तिलक लगाती हैं, आरती उतारती हैं और उनकी दीर्घायु की कामना करती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, यमुना ने यमराज का तिलक कर उन्हें अमरता का वरदान दिया। इस साल तिथि 22 अक्टूबर रात 8:16 बजे से शुरू होकर आज रात 10:46 बजे तक रहेगी, इसलिए उदय तिथि के आधार पर आज 23 अक्टूबर को मनाना शुभ है।
आज आयुष्मान योग और शिववास योग बन रहे हैं, जो यम पूजा के लिए विशेष फलदायी हैं। लेकिन तिलक के लिए शुभ मुहूर्त सीमित हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, तिलक सबसे उत्तम समय **दोपहर 1:13 बजे से दोपहर 3:28 बजे तक** (अपराह्न मुहूर्त) है। यह 2 घंटे 15 मिनट का समय है, जिसमें तिलक करने से भाई को सुख-समृद्धि और रक्षा का आशीर्वाद मिलता है।
अन्य शुभ मुहूर्त (अगर अपराह्न मिस हो जाए):
– ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:45 बजे से 5:36 बजे तक (पूजा के लिए आदर्श)।
– अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
– विजय मुहूर्त: दोपहर 1:58 बजे से 2:43 बजे तक।
– गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:43 बजे से 6:09 बजे तक।
– चौघड़िया मुहूर्त: शुभ (6:27-7:51 AM), लाभ (12:05-1:30 PM), अमृत (1:30-2:54 PM)।
तिलक करने की सरल विधि:
1. तैयारी: सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल पर चौक बनाएं।
2. भाई को बिठाएं: भाई को पूर्व मुख करके आसन पर बिठाएं। सिर पर फूल, सुपारी, पान रखें।
3. तिलक: रोली-चंदन से तिलक लगाएं, दूर्वा चढ़ाएं। मंत्र: “ॐ भ्रातृसुखार्थं तिलकं करिष्यामि नमः”।
4. आरती: घी का दीपक जलाकर 5 फेरे करें। कलावा बांधें, मिठाई खिलाएं।
5. समापन: भाई उपहार दें, ब्राह्मण को दान करें।
आज चंद्रमा का दर्शन करें और यमुना जल से स्नान करें। अगर भाई दूर हो, तो फोन पर तिलक करें या चित्र पर। यह पर्व प्रेम बढ़ाता है, तो भाव से मनाएं।
