दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हवा ‘बेहद खराब’, पराली घटने के बावजूद AQI 400 पार: पटाखों और वाहनों ने बढ़ाया प्रदूषण का कहर
दिल्ली में लगातार दूसरे दिन हवा ‘बेहद खराब’, पराली घटने के बावजूद AQI 400 पार: पटाखों और वाहनों ने बढ़ाया प्रदूषण का कहर
दिवाली की धूम के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार दूसरे दिन ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी रही। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 359 रहा, जो ‘वेरी पुअर’ (301-400) कैटेगरी में आता है। कई इलाकों जैसे आनंद विहार (355), नेहरू नगर (397), वजीरपुर (397), अशोक विहार (377) और द्वारका (353) में AQI 400 पार कर गया, जो ‘सीवियर’ (401+) का संकेत देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में 77.5% की कमी के बावजूद पटाखों का धुआं, वाहनों का उत्सर्जन, इंडस्ट्रीज और रोड डस्ट मुख्य वजह बने। पोस्ट-दिवाली PM2.5 लेवल 488 µg/m³ तक पहुंच गया, जो प्री-दिवाली (156 µg/m³) से 212% ज्यादा है। यह 5 सालों में सबसे खराब पोस्ट-दिवाली प्रदूषण है।
क्लाइमेट ट्रेंड्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिवाली 2025 में AQI 345 था, जो 2024 (328) से ज्यादा और 2023 (218) से कहीं ऊपर है। पंजाब-हरियाणा में अक्टूबर में फार्म फायर्स घटकर 175 रह गए (पिछले साल 779 से), जिससे PM2.5 15.5% कम हुआ, लेकिन लोकल सोर्सेज ने इसे बेअसर कर दिया।’ग्रीन पटाखों’ का दावा खोखला साबित हुआ, क्योंकि रातभर फायरक्रैकर्स फूटे।
सबसे प्रदूषित इलाके: AQI का हाल
– आनंद विहार: 355 (वेरी पुअर) – ईस्ट दिल्ली का यह इलाका हमेशा टॉप पर रहता है।
– नेहरू नगर: 397 (सीवियर) – साउथ दिल्ली में वाहनों और कंस्ट्रक्शन का असर।
– वजीरपुर: 397 (सीवियर) – इंडस्ट्रियल एरिया, जहां धुआं घना है।
– अन्य: चांदनी चौक (332), नजफगढ़ (304), जहांगीरपुरी (407) – सभी 300+ पर।
दिल्ली दुनिया के 120 शहरों में सबसे प्रदूषित रही (IQAir डेटा)।
क्यों बढ़ा प्रदूषण? मुख्य कारण
– पटाखे: दिवाली रात में PM2.5 675 µg/m³ तक पहुंचा, जो 3 सालों का हाई है। सुप्रीम कोर्ट के 2 घंटे के आदेश का उल्लंघन हुआ।
– लोकल सोर्सेज: वाहन (20%), इंडस्ट्रीज (15%), रोड डस्ट (12%)। ठंडी हवाओं ने प्रदूषकों को जमीन पर जमा कर दिया।
– पराली का कम असर: घटने के बावजूद 40% योगदान। पंजाब में AAP सरकार पर BJP ने दोष मढ़ा, लेकिन डेटा उलटा कहता है।
– मौसम: कम विंड स्पीड (2-3 किमी/घंटा) ने धुएं को फैलने नहीं दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया और GRAP-2 लागू
दिल्ली सरकार ने GRAP-2 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) लागू कर दिया। कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद, 50% सरकारी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “AQI सिर्फ 11 पॉइंट्स बढ़ा, लेकिन पंजाब में पराली जलाने की साजिश है।” AAP ने पलटवार कर कहा, “BJP शासित राज्यों में पराली न रुकी, तो दोष क्यों?” सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
स्वास्थ्य जोखिम और सावधानियां
AQI 400+ पर सांस की बीमारियां, हार्ट प्रॉब्लम्स और कैंसर का खतरा 20% बढ़ जाता है। WHO लिमिट (25 µg/m³) से 20 गुना ऊपर PM2.5। सलाह:
– N95 मास्क पहनें, घर पर रहें।
– HEPA फिल्टर वाला AC यूज करें।
– आउटडोर एक्टिविटी अवॉइड, बच्चों-बुजुर्गों को बाहर न निकालें।
– CPCB ऐप से चेक करें।
यह प्रदूषण का मौसम दिल्ली के लिए चुनौती बन गया है। क्या सरकारें दीर्घकालिक समाधान लाएंगी? फिलहाल, हवा में जहर घुला हुआ है। सतर्क रहें, स्वस्थ रहें!
