चारधाम के बाद उत्तराखंड में शुरू होगी शीतकालीन यात्रा, धामी सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान
चारधाम के बाद उत्तराखंड में शुरू होगी शीतकालीन यात्रा, धामी सरकार ने तैयार किया एक्शन प्लान
देहरादून: चारधाम यात्रा के समापन के बाद उत्तराखंड सरकार ने शीतकालीन चारधाम यात्रा (Winter Char Dham Yatra) शुरू करने का ऐलान किया है। भारी बर्फबारी के कारण नवंबर से अप्रैल तक मूल धाम—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—बंद रहते हैं, लेकिन अब श्रद्धालु खरसाली (यमुनोत्री), मुखबा (गंगोत्री), ऊखीमठ (केदारनाथ) और पांडुकेश्वर (बद्रीनाथ) जैसे वैकल्पिक धामों में दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे “गेम चेंजर” बताते हुए पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य रखा है। यह यात्रा नवंबर 2025 से शुरू होगी, और सरकार ने विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है।
शीतकालीन यात्रा का महत्व: पर्यटन को वर्ष भर गति
चारधाम यात्रा उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो सालाना 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। लेकिन सर्दियों में धाम बंद होने से स्थानीय होटल, टैक्सी, गाइड और होमस्टे प्रभावित होते हैं। धामी ने कहा, “यह यात्रा यात्रा से जुड़े लोगों की आजीविका बचाएगी। हमने PM मोदी से सुझाव लिया, और वे भी इसकी शुरुआत में शामिल होंगे।” 2025 में यात्रा से 2 करोड़ पर्यटकों का लक्ष्य है, जो स्थानीय रोजगार बढ़ाएगा।
धामी सरकार का एक्शन प्लान: पूरी तैयारी
सरकार ने शीतकालीन यात्रा के लिए बहुआयामी योजना बनाई है। मुख्य बिंदु:
– स्थलों का विकास: ऊखीमठ, पांडुकेश्वर, खरसाली और मुखबा में मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पार्किंग, रेस्ट हाउस और सड़कें सुधारेंगी। UPCL ने बिजली आपूर्ति के लिए हाई अलर्ट मोड में एक्शन प्लान तैयार किया है—सभी 33/11 kV सबस्टेशन और 11 kV लाइनों का निरीक्षण।
– पर्यटन प्रचार: राज्य पर्यटन विभाग ने वेबसाइट अपग्रेड, सोशल मीडिया कैंपेन और अंतरराष्ट्रीय प्रचार शुरू किया। वैकल्पिक धामों को ‘विंटर चारधाम’ ब्रांडिंग से जोड़ा जाएगा।
– सुरक्षा और सुविधाएं: SDRF, ITBP की टीमें तैनात, हेलीपैड विकसित, मेडिकल कैंप और हॉटलाइन नंबर। यात्रियों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, जो 2025 यात्रा से लागू होगा।
– आर्थिक पैकेज: स्थानीय हस्तशिल्प, होमस्टे और गाइड्स को प्रोत्साहन। धामी ने कहा, “यह यात्रा स्थानीय अर्थव्यवस्था को वर्ष भर चलेगी।”
चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
सर्दियों में बर्फबारी और ठंड चुनौती है, लेकिन सरकार ने हीटिंग सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस किया। 2025 यात्रा के लिए ‘उत्तराखंड यात्रा विकास प्राधिकरण’ गठित होगा, जो सभी यात्राओं का प्रबंधन करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल पर्यटन को 20% बढ़ाएगी।
धामी ने कहा, “यह यात्रा देवभूमि की आस्था को नई ऊंचाई देगी।” श्रद्धालुओं से अपील: आधिकारिक वेबसाइट से रजिस्ट्रेशन करें।
