मालगाड़ी के डब्बे से ज़ब्त की गईं, 2 करोड़ मूल्य की बैन कफ सिरप की बोतलें
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ देशव्यापी अभियान में त्रिपुरा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। राजकीय रेलवे पुलिस बल (GRP), सीमा शुल्क विभाग और विशेष कार्य बल (STF) की संयुक्त टीम ने पश्चिमी त्रिपुरा के जिरानिया रेलवे स्टेशन पर दो मालगाड़ियों की तलाशी ली, जहां से लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य का प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया गया। यह कार्रवाई गुरुवार शाम 4:30 बजे शुरू हुई और शुक्रवार तड़के समाप्त हुई, जो विभागीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
त्रिपुरा पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, छापेमारी के दौरान टीमों ने मालगाड़ियों के डिब्बों से प्रतिबंधित ‘एस्क्यूफ सिरप’ (प्रत्येक 100 मिलीलीटर) की करीब 90,000 बोतलें जब्त कीं। यह सिरप कोडिन युक्त है, जो नशे के लिए अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाता है। तस्करों ने इन्हें मालगाड़ी के कार्गो में छिपाकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में सप्लाई करने की कोशिश की थी। पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। जिरानिया स्टेशन के प्रभारी अधिकारी ने बताया, “यह संयुक्त अभियान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के दिशानिर्देशों पर आधारित था, जो रेल मार्ग से हो रही तस्करी को रोकने का हिस्सा है।”
त्रिपुरा में कोडिन युक्त कफ सिरप की बिक्री और तस्करी पर सख्त प्रतिबंध है, क्योंकि यह युवाओं में नशे की लत का प्रमुख कारण बन रहा है। राज्य में पिछले कुछ महीनों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें फरवरी में अगरतला रेलवे स्टेशन पर 30 लाख रुपये का सिरप जब्त हुआ था, जिसमें 9 तस्कर गिरफ्तार हुए थे। जुलाई में धलाई जिले के बेतबागान चेकपॉइंट पर 57,000 बोतलें (1 करोड़ रुपये मूल्य) बरामद की गईं, जो ट्रक में प्याज के नीचे छिपाई गई थीं। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि पूर्वोत्तर सीमा से सटे राज्यों में तस्करी का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है, खासकर म्यांमार और बांग्लादेश बॉर्डर के रास्ते।
इस बरामदगी के बाद स्थानीय प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने ट्वीट कर कहा, “नशामुक्ति के लिए जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाएंगे। ऐसी कार्रवाइयों से युवा पीढ़ी को बचाना हमारी प्राथमिकता है।” विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे स्टेशनों पर सघन चेकिंग और इंटेलिजेंस इनपुट बढ़ाने से तस्करी पर अंकुश लगेगा। NCB के एक अधिकारी ने बताया कि यह सिरप मुख्य रूप से असम, मणिपुर और मिजोरम में बेचा जाता है, जहां नशे के मामले बढ़ रहे हैं।
यह कार्रवाई न केवल आर्थिक नुकसान रोकती है, बल्कि सामाजिक बुराई को भी जड़ से उखाड़ फेंकने में मददगार साबित होगी। त्रिपुरा पुलिस ने आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम तैनात की है, ताकि स्रोत और गंतव्य का पता लगाया जा सके। राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है।
