राहुल-खड़गे ने लालू से फोन पर की बात: बिहार में सीटों पर पेच सुलझाने की कोशिश, महागठबंधन में हलचल तेज
राहुल-खड़गे ने लालू से फोन पर की बात: बिहार में सीटों पर पेच सुलझाने की कोशिश, महागठबंधन में हलचल तेज
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन की घड़ी टिक-टिक कर रही है, लेकिन महागठबंधन में सीट बंटवारे का गतिरोध बरकरार है। इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लीडर ऑफ ओपोजिशन राहुल गांधी ने गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से फोन पर लंबी बात की। सूत्रों के अनुसार, यह कॉल दिल्ली से पटना पहुंचे लालू के लिए की गई, जिसमें 4-5 विवादित सीटों पर समझौता करने की कोशिश हुई। तेजस्वी यादव के दिल्ली दौरे के बावजूद मुलाकात न हो पाने के बाद यह फोन महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। कांग्रेस का कहना है कि जल्द ही उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होगी, लेकिन आरजेडी की जिद ने पेंच फंसा दिया है।
महागठबंधन में कुल 243 सीटों पर बंटवारे की रस्साकशी चरम पर है। आरजेडी, जो 2020 में 75 सीटों पर लड़ी थी और 75 जीती, अब 130 से ज्यादा सीटें चाहती है। वहीं, कांग्रेस 70 सीटों पर अड़ी है, जबकि वामपंथी दल और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 20-25 सीटें मिलने की मांग है। लालू ने सोमवार को ही राबड़ी देवी के आवास पर कई आरजेडी वफादारों को टिकट बांट दिए, जैसे मठनी से बोगो सिंह, मनेर से वीरेंद्र और संदेश से दीपू सिंह। तेजस्वी ने रात में हस्तक्षेप कर कुछ फैसलों को उलटा, लेकिन इससे गठबंधन में दरार साफ दिखी।
पिछले हफ्ते लालू-तेजस्वी दिल्ली पहुंचे थे, जहां लैंड फॉर जॉब्स केस की सुनवाई के साथ सीट बंटवारे पर चर्चा होनी थी। तेजस्वी ने कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु से मुलाकात की, लेकिन राहुल से भेंट न हो सकी। कांग्रेस ने मंगलवार को 18 उम्मीदवारों के नाम मंजूर किए, लेकिन बाकी पर सब-कमिटी गठित की।खड़गे ने सीईसी बैठक में साफ कहा कि एक-एक नाम पर सहमति बने, ताकि देरी न हो।
एनडीए ने पहले ही सीट बंटवारा घोषित कर दिया—बीजेपी और जेडीयू को 101-101, चिराग पासवान की एलजेपी को 29, मांझी की एचएएम को 6 और कुशवाहा की रालोसपा को 6 सीटें। जेडीयू ने 57 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की, जिसमें नीतीश समस्तीपुर से लड़ेंगे। भाजपा ने 71 नामों का ऐलान किया। विपक्षी खेमे में यह देरी एनडीए को फायदा पहुंचा रही है। तेजस्वी रघोपुर से नामांकन दाखिल करेंगे, लेकिन गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फोन कॉल गतिरोध तोड़ने की आखिरी कोशिश है। यदि सहमति न बनी, तो कांग्रेस अकेले कुछ सीटों पर उतर सकती है, जो महागठबंधन को कमजोर करेगा। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा, “खड़गे-राहुल पर भरोसा है, जल्द लिस्ट आएगी।” लालू ने कहा, “बातचीत जारी है, बिहार के हित में फैसला होगा।” पहले चरण के नामांकन 18 अक्टूबर से शुरू, इसलिए रातोंरात सुलझाव जरूरी।
यह घटनाक्रम बिहार की सियासत को त्रिकोणीय मुकाबले की ओर धकेल रहा है। प्राशांत किशोर की जन सुराज ने रघोपुर पर तेजस्वी के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिया। कुल मिलाकर, राहुल-लालू की बात से उम्मीद जगी है, लेकिन पेंच सुलझेगा या उलझेगा—चुनावी मैदान ही फैसला लेगा।
