तेजस्वी जेल जाएंगे और नीतीश CM बनेंगे…’, मोकामा से नामांकन करने के बाद बोले अनंत सिंह
‘तेजस्वी जेल जाएंगे और नीतीश CM बनेंगे…’, मोकामा से नामांकन करने के बाद बोले अनंत सिंह
बिहार विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह ने जोरदार राजनीतिक बयानबाजी शुरू कर दी है। जेडीयू के टिकट पर मोकामा विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करने के बाद अनंत सिंह ने पूर्व विधायक नीला देवी के बेटे छोटे सरकार के साथ सड़क पर उतरकर कहा, “तेजस्वी यादव जेल जाएंगे और नीतीश कुमार फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे।” उन्होंने आरजेडी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि महागठबंधन को चुनाव में 15 सीटें भी नहीं मिलेंगी। यह बयान बिहार की सियासत में हलचल मचा रहा है, खासकर जब मोकामा को अनंत सिंह का गढ़ माना जाता है।
मंगलवार को पटना में नामांकन भरने के लिए अनंत सिंह फूलों से सजी खुली जीप में सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे। छोटे सरकार ने भी जेडीयू के सिंबल पर नामांकन दाखिल किया। अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “तेजस्वी को कुछ आता-जाता नहीं है। वे सिर्फ बातें करते हैं, काम कुछ नहीं। उनकी जमानत जब्त करवा देंगे। नीतीश कुमार अगले 25 साल तक सीएम रहेंगे, क्योंकि उन्होंने बिहार का जो विकास किया है, राजद उसे रोक देगा।” उन्होंने तेजस्वी को “युवा बनकर घूमने” वाला बताया और दावा किया कि मोकामा की जनता फिर से उन्हें चुनेगी। अनंत सिंह ने 2005 में दो बार जेडीयू से मोकामा जीता था, लेकिन बाद में आरजेडी में चले गए। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने फिर जेडीयू का दामन थामा।
अगस्त 2025 में बेउर जेल से रिहा होते ही अनंत सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात की और टिकट की मांग की। नीतीश के साथ 15 मिनट की यह बैठक गोपनीय रही, लेकिन उसके बाद जेडीयू ने उन्हें मोकामा से टिकट थमा दिया। अनंत सिंह ने कहा कि फिलहाल नीतीश से कोई औपचारिक बात नहीं हुई, लेकिन उन्हें विश्वास है कि पार्टी उनका साथ देगी। जेडीयू के इस फैसले से एनडीए में उत्साह है, क्योंकि अनंत सिंह का बाहुबली इमेज मोकामा जैसे इलाके में वोट बटोर सकता है।
विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “अनंत सिंह जैसे लोग किसी काम के नहीं। वे जमानत पर बाहर हैं, लेकिन बिहार की जनता नीतीश की तानाशाही से तंग आ चुकी है।” तेजस्वी ने सितंबर में ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के दौरान मोकामा में घोड़े पर सवार होकर अनंत सिंह को चुनौती दी थी। महागठबंधन ने मोकामा से अपनी उम्मीदवार की घोषणा की है, लेकिन अनंत सिंह का दावा है कि वे आसानी से जीतेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयानबाजी एनडीए की रणनीति का हिस्सा है, जो तेजस्वी की छवि को धूमिल करने पर केंद्रित है।
बिहार चुनाव के पहले चरण में मोकामा 6 नवंबर को वोटिंग होगी। जेडीयू ने सीएम हाउस में गोपनीय बैठकों से सिंबल बांटना शुरू कर दिया है, ताकि विपक्ष को भनक न लगे। अनंत सिंह का यह बयान तेजस्वी पर व्यक्तिगत हमला है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। एनडीए का लक्ष्य 200 सीटें है, जबकि महागठबंधन 150 का दावा कर रहा है। यदि अनंत सिंह की भविष्यवाणी सही साबित हुई, तो बिहार की सियासत में बड़ा उलटफेर हो सकता है।
