Haryana IPS Suicide Case: राहुल गांधी ने IPS पूरन कुमार के परिवार से की मुलाकात, चिराग पासवान भी पहुंचे
Haryana IPS Suicide Case: राहुल गांधी ने IPS पूरन कुमार के परिवार से की मुलाकात, चिराग पासवान भी पहुंचे
हरियाणा IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में कुमार के परिवार से मुलाकात की, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। गांधी ने इसे दलित समुदाय के खिलाफ व्यवस्थित भेदभाव का प्रतीक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से तत्काल कार्रवाई की मांग की। पासवान ने परिवार की मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया।
राहुल गांधी दोपहर करीब 11 बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां हरियाणा कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा और अन्य ने उनका स्वागत किया। वे सीधे सेक्टर-24 स्थित कुमार के आवास पर गए, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की और पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार तथा अन्य परिजनों से करीब 30 मिनट बात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में गांधी ने कहा, “पूरन कुमार की मौत एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि करोड़ों दलितों का अपमान है। सिस्टम ने उन्हें तोड़ने की कोशिश की, करियर बर्बाद करने की साजिश रची। अगर दलित अधिकारी को दबाया जा सकता है, तो आम दलित का क्या होगा?” उन्होंने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सैनी ने निष्पक्ष जांच का वादा किया था, लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं हुआ। गांधी ने पीएम मोदी से अपील की कि वे मामले में हस्तक्षेप करें और आरोपी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसी बीच, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान भी दोपहर में परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को आश्वस्त किया कि उनकी मांगें पूरी होंगी और दोषियों के खिलाफ बिना देरी के कार्रवाई होगी। पासवान ने कहा, “यह घटना 21वीं सदी में भी जाति, धर्म आधारित उत्पीड़न की कड़वी सच्चाई दिखाती है। सिस्टम में जहर घुला है, लेकिन हम इसे साफ करेंगे। कोई भी ऊंचा पद हो, बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने मुख्यमंत्री सैनी को पत्र लिखकर समयबद्ध जांच की मांग की है। पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) भाजपा की सहयोगी है, इसलिए उनका यह बयान एनडीए के अंदर भी हलचल मचा रहा है।
यह घटना 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर हुई, जब 2001 बैच के IPS अधिकारी पूरन कुमार ने खुद को गोली मार ली। उनके 8 पेज के सुसाइड नोट में हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजारनिया समेत 8 वरिष्ठ अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव, मानसिक प्रताड़ना और करियर बर्बाद करने के आरोप लगाए गए। अमनीत कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें BNS की धारा 108 (आत्महत्या भड़काना) और SC/ST एक्ट के तहत FIR की मांग की। परिवार पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार से इनकार कर रहा है, जब तक आरोपी गिरफ्तार न हों।
सरकार ने DGP कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया और रोहतक SP बिजारनिया का ट्रांसफर कर दिया। चंडीगढ़ पुलिस ने SIT गठित की है और अमनीत कुमार से पूरन का लैपटॉप मांगा है, जिसमें सुसाइड नोट का ड्राफ्ट मिला है। फॉरेंसिक जांच के लिए इसे CFSL भेजा जाएगा। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
विपक्ष ने इसे “सिस्टम की सड़न” बताते हुए CBI जांच की मांग की है। कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “ईमानदार अधिकारी को तोड़ दिया गया, भाजपा राज में दलितों का क्या हाल है?” वहीं, भाजपा ने कहा कि जांच निष्पक्ष होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला पुलिस विभाग में जातिवाद की गहरी समस्या को उजागर कर रहा है। परिवार की मांगें पूरी होने तक विवाद बरकरार रहेगा। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।
