हरिद्वार में दहेज की खातिर जघन्य हत्या: ससुरालियों ने जिंदा जलाया 28 वर्षीय नेहा को, नवजात बेटे का शव भी मिला – पति समेत 5 पर केस, पुलिस ने 2 गिरफ्तार
हरिद्वार में दहेज की खातिर जघन्य हत्या: ससुरालियों ने जिंदा जलाया 28 वर्षीय नेहा को, नवजात बेटे का शव भी मिला – पति समेत 5 पर केस, पुलिस ने 2 गिरफ्तार
उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के बस्सी कलां गांव में दहेज लोभियों ने एक युवा महिला को जिंदा जला दिया। पीड़िता नेहा (28 वर्ष) की शादी को महज 6 महीने हुए थे, और ससुरालियों ने संतान न होने के बहाने लगातार प्रताड़ित किया। रविवार रात ससुरालियों ने नेहा को मिट्टी का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया। सोमवार सुबह उसके शव के पास नवजात बेटे का शव भी मिला, जिसकी मौत दम घुटने से बताई जा रही है। नेहा के पिता की शिकायत पर पति समेत 5 ससुरालियों के खिलाफ हत्या और दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने पति और देवर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास-ससुर फरार हैं।
घटना का क्रम: दहेज की मांग से हत्या तक
– शादी और प्रताड़ना: नेहा की शादी 6 महीने पहले हरिद्वार के बस्सी कलां गांव के रहने वाले पंकज (30 वर्ष) से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग करते रहे। नेहा के पिता हरिप्रसाद (मेरठ निवासी) ने बताया कि उन्होंने कार, फर्नीचर और नकदी दी, लेकिन ससुरालियों की लालच खत्म न हुई। संतान न होने पर ताने मारते थे और नेहा को मानसिक रूप से तोड़ते थे।
– हत्या की रात: रविवार रात करीब 10 बजे ससुराल में झगड़ा हुआ। ससुरालियों ने नेहा को पीटा, फिर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। नेहा चीखती-चिल्लाती रही, लेकिन पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ने की हिम्मत न की। सुबह जब ससुरालियों ने शव बाहर निकाला, तो पास ही नवजात बेटे का शव पड़ा मिला। संदेह है कि बच्चा धुएं से दम घुटने से मरा।
– परिवार की शिकायत: नेहा के मायके वालों को सुबह सूचना मिली। वे हरिद्वार पहुंचे तो नेहा का अधजला शव देखकर सदमे में आ गए। पिता हरिप्रसाद ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पति पंकज, सास मीना देवी, ससुर राजेंद्र सिंह, देवर राहुल और ननद रानी पर हत्या का आरोप लगाया।
पुलिस की कार्रवाई: 2 गिरफ्तार, फरारों की तलाश
– खानपुर थाना प्रभारी ने बताया कि IPC की धारा 302 (हत्या), 304B (दहेज हत्या), 498A (पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता) और POCSO (नवजात की मौत पर) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पति पंकज और देवर राहुल को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कबूल किया कि झगड़े में आग लग गई, लेकिन पुलिस इसे सुनियोजित हत्या मान रही है।
– सास-ससुर और ननद फरार हैं। पुलिस ने उनके फोन ट्रैक कर दबिश दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें जहर और जलने के निशान पाए गए। नवजात का शव भी जांच के दायरे में है।
– एसएसपी हरिद्वार ने कहा, “दहेज हत्याओं पर सख्ती बरतेंगे। परिवार को न्याय मिलेगा।”
इलाके में सदमा: दहेज विरोधी जागरूकता की मांग
बस्सी कलां गांव में नेहा की मौत से सन्नाटा पसर गया। महिला संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और दहेज विरोधी अभियान चलाने की मांग की। नेहा की बहन ने कहा, “हमारी बहन ने कभी शिकायत न की, लेकिन ससुराल का लालच ने उसे मार डाला।” यह घटना उत्तराखंड में बढ़ती दहेज हत्याओं को उजागर करती है, जहां पिछले साल 15 ऐसी घटनाएं दर्ज हुईं।
पुलिस ने परिवार को सुरक्षा दी है।
