‘लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाने देना चाहिए…’, दुर्गापुर गैंगरेप केस पर बोलीं CM ममता: विवादास्पद बयान से भड़की राजनीति
‘लड़कियों को रात में बाहर नहीं जाने देना चाहिए…’, दुर्गापुर गैंगरेप केस पर बोलीं CM ममता: विवादास्पद बयान से भड़की राजनीति
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा के साथ हुई गैंगरेप की घटना ने राज्य की राजनीति को फिर से गरमा दिया है। रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि “लड़कियों को रात में बाहर जाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।” ममता ने न केवल पीड़िता को सलाह दी, बल्कि प्राइवेट कॉलेजों पर भी जिम्मेदारी डाली। इस बयान ने विपक्षी दलों, खासकर भाजपा को हमलावर बनाने का मौका दे दिया, जो इसे ‘पीड़िता को दोष देने’ का आरोप लगा रहा है। घटना के एक दिन बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन ममता का बयान सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।
घटना का विवरण: रात के अंधेरे में बर्बरता
घटना 10 अक्टूबर की रात करीब 8:30 बजे की है। ओडिशा के जेलेश्वर जिले के बलासोर से आई 23 वर्षीय दूसरी वर्ष की एमबीबीएस छात्रा आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज, दुर्गापुर में पढ़ रही थी। वह अपने एक पुरुष सहपाठी के साथ कैंपस से बाहर डिनर करने गई थी। रास्ते में बाइक सवार चार-पांच युवकों ने उन्हें घेर लिया। उन्होंने अश्लील टिप्पणियां कीं और छात्रा का मोबाइल छीन लिया। सहपाठी ने भागने की कोशिश की, लेकिन आरोपी छात्रा को जबरन कैंपस के पीछे जंगल क्षेत्र में ले गए, जहां गैंगरेप किया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने फोन लौटाने के बहाने पैसे मांगे और धमकी दी कि पुलिस को बताने पर जान से मार देंगे।
पीड़िता को तुरंत कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। उसके माता-पिता ओडिशा से दुर्गापुर पहुंचे और न्यू टाउनशिप पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। पुलिस ने सहपाठी पर भी धोखा देने का आरोप लगाया, जिसकी भूमिका की जांच चल रही है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने मोबाइल टावर लोकेशन ट्रैकिंग और ड्रोन की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया। रविवार को तीन आरोपी—शेख रेजाउद्दीन, अपू बाउरी और फिरदौस शेख—गिरफ्तार हो गए, जबकि एक अन्य हिरासत में है। डीसीपी (ईस्ट) अभिषेक गुप्ता ने कहा, “फॉरेंसिक टीम साइट पर साक्ष्य जुटा रही है। सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है। दो अन्य फरारों की तलाश जारी है।” पीड़िता की हालत स्थिर है, लेकिन साइकोलॉजिकल सपोर्ट दिया जा रहा है।
ममता बनर्जी का विवादास्पद बयान: ‘रात में बाहर न जाएं, खुद की रक्षा करें’
रविवार को नबन्ना (सीएम कार्यालय) में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, “यह एक प्राइवेट कॉलेज है। लड़कियों को रात में बाहर जाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। उन्हें खुद की भी रक्षा करनी चाहिए। वहां जंगल क्षेत्र है। पुलिस सभी संदिग्धों की तलाश कर रही है। कोई बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने घटना पर शॉक जताते हुए प्राइवेट कॉलेजों को जिम्मेदार ठहराया, “कॉलेजों को कैंपस के अंदर और आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। रात का कल्चर क्या है? 12:30 बजे वह कैसे बाहर आईं?” ममता ने केंद्र और अन्य राज्यों पर भी निशाना साधा। ओडिशा के पुरी बीच पर एक महीने पहले हुई गैंगरेप का जिक्र करते हुए कहा, “ओडिशा सरकार क्या कार्रवाई कर रही है? मणिपुर, यूपी, बिहार में भी ऐसी घटनाएं हुईं, वहां सख्ती क्यों नहीं?” उन्होंने जोर देकर कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।
यह बयान RG Kar मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस (2024) की याद दिला रहा है, जहां ममता सरकार पर लापरवाही का आरोप लगा था। तब भी उन्होंने प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस पर जिम्मेदारी डाली थी।
विपक्ष का तीखा प्रहार: ‘पीड़िता को दोष दे रही हैं ममता’
ममता के बयान ने भाजपा को राजनीतिक हथियार दे दिया। केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार ने कहा, “ममता पीड़िता को दोष दे रही हैं। रात में बाहर जाना अपराध को आमंत्रित करता है क्या? एक मुख्यमंत्री जो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय उन्हें रोकने की सलाह दे, उसका इस्तीफा होना चाहिए।” भाजपा आईटी हेड अमित मालवीय ने X पर लिखा, “ममता का मतलब है कि रात में बाहर घूमना रेप को न्योता देना। यह संवेदनहीनता की हद है। RG Kar के बाद फिर वही गलती।” शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया, “ममता का बयान महिलाओं के खिलाफ है। वे अराजक और हृदयहीन हैं।” भाजपा ने राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मजुमदार ने ममता को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “ओडिशा सरकार पीड़िता के परिवार को हर मदद देगी। बंगाल सरकार दोषियों को सजा दे।” राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने पांच दिनों में एक्शन रिपोर्ट मांगी। वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम ने कॉलेज का दौरा कर निंदा की।
जमीनी हकीकत: बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। RG Kar के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल की थी, लेकिन सुधार धीमे। दुर्गापुर जैसे औद्योगिक शहरों में जंगल क्षेत्रों के आसपास कैंपस सुरक्षा कमजोर है। सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “ममता का बयान पुरानी सोच को दर्शाता है। समस्या सुरक्षा व्यवस्था में है, न कि लड़कियों की आजादी में।” पीड़िता के पिता ने कहा, “बेटी डॉक्टर बनेगी, लेकिन पहले इंसाफ चाहिए।” पुलिस ने वादा किया कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ट्रायल होगा।
यह मामला बंगाल की सियासत को 2026 चुनावों की ओर धकेल रहा है। ममता सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। क्या यह बयान पीड़िता को न्याय दिलाएगा या राजनीतिक विवाद को हवा देगा? समय बताएगा।
