Wednesday, September 16, 2026
राजनीति

आजम खान को Y कैटेगरी वापस मिली, जेल से बाहर आते ही बहाल हुई सुरक्षा

आजम खान को Y कैटेगरी वापस मिली, जेल से बाहर आते ही बहाल हुई सुरक्षा

रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान को जेल से रिहाई के महज 20 दिन बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उनकी Y श्रेणी की सुरक्षा बहाल कर दी है। जेल जाने से पहले उन्हें Y+ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी, जो सत्ता परिवर्तन के बाद रद्द कर दी गई थी। शनिवार सुबह से ही रामपुर में उनके आवास पर कमांडो और गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। यह फैसला आजम खान के बढ़ते खतरे की आशंका और उनके घर पर पहुंचने वाले सैकड़ों समर्थकों को देखते हुए लिया गया। आजम खान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैं न्याय के लिए लड़ता रहूंगा। यह सुरक्षा मेरी नहीं, मेरे समर्थकों की भी रक्षा है।”

आजम खान 23 सितंबर को सीतापुर जेल से रिहा हुए थे, जहां वे करीब 23 महीने से विभिन्न आपराधिक मामलों में बंद थे। रिहाई के समय जेल प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया। वे सीधे रामपुर लौटे, जहां सैकड़ों समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। रिहाई के बाद उनके घर पर अखिलेश यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई प्रमुख नेता पहुंचे। लेकिन रिहाई के तुरंत बाद सुरक्षा न होने से उनके समर्थक चिंतित थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “शुक्रवार शाम को Y श्रेणी की सुरक्षा बहाल कर दी गई। आज सुबह से गार्ड और गनर तैनात हैं।” Y श्रेणी में आमतौर पर 10-12 सुरक्षाकर्मी, दो व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) और वाहन सुरक्षा शामिल होती है।

आजम खान पर 111 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से कई में वे सजा काट चुके हैं। 2022 में हेट स्पीच केस में तीन साल की सजा मिली, जिसके बाद उन्हें विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया। 2023 में उनके जन्म प्रमाण पत्र जालसाजी के मामले में सात साल की सजा हुई, लेकिन इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली। रामपुर पुलिस ने हाल ही में 2020 के एक पुराने FIR में तीन अतिरिक्त आरोप लगाए, जिसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। जेल से बाहर आने के बाद आजम ने कहा था, “मैं दो साल से कट गया था। बाहर की दुनिया से अनभिज्ञ था। अब न्याय की लड़ाई जारी रखूंगा।” उनके वकील जुनैद अहमद खान ने बताया कि सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है, लेकिन कुछ औपचारिकताएं बाकी थीं।

यह फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “आजम भाई की सुरक्षा बहाली सपा कार्यकर्ताओं के लिए राहत है। योगी सरकार को अब सच्चाई का सामना करना पड़ेगा।” वहीं, भाजपा ने इसे ‘चुनावी ड्रामा’ करार दिया। प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा, “जेल से बाहर आते ही सुरक्षा बहाल—यह तो साफ सियासत है। आजम पर इतने केस हैं, फिर भी सरकार ने क्यों दी?” विशेषज्ञों का मानना है कि रामपुर-मुरादाबाद सीट पर सपा का मजबूत आधार होने से यह कदम महत्वपूर्ण है। आजम के बेटे अब्दुल्ला आजम खान ने कहा, “पिता की रिहाई पार्टी के लिए जीत है। सुरक्षा बहाली से हम मजबूत महसूस कर रहे हैं।”

रिहाई के बाद आजम खान का घर समर्थकों का केंद्र बन गया है। रोज सैकड़ों लोग मिलने आते हैं, जिससे सुरक्षा खतरे की आशंका बढ़ गई थी। प्रशासन ने रामपुर में अतिरिक्त फोर्स तैनात की है। आजम ने रिहाई पर कहा था, “मैं BSP में जाने की अफवाहों पर कुछ नहीं कहूंगा। सपा ही मेरा परिवार है।” उनके पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला भी पहले ही जमानत पर बाहर आ चुके हैं। यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा को नई ऊर्जा दे रही है, जहां 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज हो रही है। आजम खान की वापसी से मुस्लिम वोट बैंक एकजुट होने की उम्मीद है।

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