राजनीति

बिहार चुनाव: मैथिली ठाकुर को टिकट मिलने की अटकलें तेज, मिश्री लाल यादव ने BJP छोड़ने का किया ऐलान

बिहार चुनाव: मैथिली ठाकुर को टिकट मिलने की अटकलें तेज, मिश्री लाल यादव ने BJP छोड़ने का किया ऐलान

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। लोकप्रिय लोक गायिका मैथिली ठाकुर को बीजेपी टिकट मिलने की अटकलें जोर पकड़ रही हैं, वहीं मौजूदा विधायक मिश्री लाल यादव ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। यादव ने दलितों और पिछड़े वर्गों के साथ “भेदभाव” का आरोप लगाते हुए BJP पर निशाना साधा। विशेषज्ञों का मानना है कि मैथिली को अलीनगर या बेनीपट्टी सीट से उतारने की रणनीति से ही यह बगावत भड़की है। चुनाव आयोग ने दो चरणों में होने वाले मतदान की तारीखें घोषित कर दी हैं, जिसके बाद दल-बदल का सिलसिला तेज हो गया है।

मैथिली ठाकुर की सियासी एंट्री: गायकी से राजनीति का सफर

मिथिला की बेटी के नाम से मशहूर मैथिली ठाकुर (25 वर्ष) ने हाल ही में बीजेपी के बिहार प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की, जिसके बाद टिकट की अटकलें तेज हो गईं। 7 अक्टूबर को पटना में हुई इस बैठक को “रणनीतिक” बताया जा रहा है। मैथिली, जो मैथिली लोकसंगीत और शास्त्रीय गायन में अपनी पहचान रखती हैं, को बीजेपी मिथिला क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के वोट बैंक को मजबूत करने के लिए मैदान में उतारना चाहती है।

– संभावित सीटें: दरभंगा जिले की अलीनगर या बेनीपट्टी विधानसभा सीट। अलीनगर पर BJP की पिछली जीत को देखते हुए यहां मैथिली को “जीत की गारंटी” माना जा रहा है।

– मैथिली का बयान: जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “गायकी फर्स्ट, पॉलिटिक्स सेकंड। राजनीति में जाना सुखद है, लेकिन संगीत को कभी नहीं छोड़ूंगी।” वह PM मोदी की फैन हैं और सनातन-हिंदू राष्ट्र पर फोकस रखती हैं।

– रणनीति का हिस्सा: पवन सिंह की तरह मैथिली को भी “स्टार पावर” के रूप में इस्तेमाल करने की योजना। इससे पहले राधेश्याम रसिया और रितेश पांडे जैसे कलाकारों को भी फोकस किया गया था।

मैथिली का जन्म मधुबनी के बेनीपट्टी में हुआ, और उनकी लोकप्रियता चुनाव आयोग ने भी सराह चुकी है। बीजेपी का यह दांव मिथिला बेल्ट में ब्राह्मण वोटों को एकजुट करने का प्रयास लगता है।

मिश्री लाल यादव का इस्तीफा: टिकट कटने की नाराजगी?

दरभंगा के अलीनगर से मौजूदा BJP विधायक मिश्री लाल यादव ने शनिवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी से इस्तीफे का ऐलान किया। 2020 में VIP टिकट पर जीतने के बाद वे BJP में शामिल हुए थे, लेकिन अब टिकट न मिलने से नाराज हैं। उन्होंने कहा, “BJP घमंड में चूर हो गई है। दलितों और पिछड़ों को उनका हक नहीं मिल रहा। जहां सम्मान मिलेगा, वहां जाऊंगा।”

– कारण: अटकलें हैं कि मैथिली ठाकुर को अलीनगर से टिकट मिलने की संभावना से यादव नाराज हैं। जनता में उनके खिलाफ असंतोष और पार्टी के भीतर बगावत का डर था।

– भविष्य: राजद-नीत INDIA ब्लॉक में शामिल होने की चर्चा। VIP प्रमुख मुकेश सहनी के NDA से बाहर होने के बाद यादव का BJP में जाना ही विवादास्पद था।

– प्रभाव: यह BJP के लिए झटका है, क्योंकि अलीनगर पर दलित वोट निर्णायक हैं। विपक्ष ने इसे “पिछड़े विरोधी” नीति का सबूत बताया।

राजनीतिक प्रभाव: स्टार्स vs पुराने सिपाहियों की जंग

बिहार चुनाव (पहला चरण 22 नवंबर) से पहले BJP स्टार्स को मैदान में उतारकर युवा वोटरों को लुभा रही है, लेकिन इससे पुराने नेताओं में असंतोष बढ़ रहा है। पवन सिंह की तरह मैथिली का मामला भी डैमेज कंट्रोल की मांग कर रहा है। विपक्षी नेता इसे “BJP का ड्रामा” बता रहे हैं। NDA बहुमत बचाने की जद्दोजहद में है, जबकि INDIA ब्लॉक ऐसे बागियों को लपकने को तैयार।

निष्कर्ष: चुनावी रणनीति में नया ट्विस्ट

मैथिली ठाकुर की संभावित एंट्री बिहार की सियासत को ग्लैमरस बना सकती है, लेकिन मिश्री लाल यादव का इस्तीफा BJP के लिए चुनौती। उम्मीदवारों की अंतिम सूची जल्द आने वाली है, जो और हलचल मचा देगी। क्या मैथिली गायकी छोड़ेंगी या बैलेंस करेंगी? समय बताएगा।

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