पहले IED बम, फिर गोलियां बरसाई: TTP का पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों पर घात लगाकर हमला, 2 अफसर समेत 11 की मौत
पहले IED बम, फिर गोलियां बरसाई: TTP का पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों पर घात लगाकर हमला, 2 अफसर समेत 11 की मौत
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने एक बार फिर खूनी हमला बोला। कुर्रम जिले के पास अफगान सीमा पर मंगलवार दोपहर को अर्धसैनिक बलों के काफिले पर रोडसाइड IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बम से हमला किया गया, उसके बाद उग्रवादियों ने गोलियां बरसाकर घेराबंदी कर दी। इस हमले में 2 अफसरों समेत 11 जवान शहीद हो गए, जबकि कई घायल बताए जा रहे हैं। TTP ने हमले की जिम्मेदारी ले ली है, जो पाकिस्तानी सेना के खिलाफ इस साल का सबसे घातक हमला है।
हमले का पूरा विवरण
हमला कुर्रम जिले के पेशावर डिवीजन में अफगान सीमा के नजदीक हुआ, जहां फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवान ऑपरेशन पर थे। पांच पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि काफिले पर पहले दो रोडसाइड बम फटे, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। फिर दर्जनों उग्रवादी पहाड़ियों से उतर आए और AK-47 और ग्रेनेड लॉन्चर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमला करीब 45 मिनट तक चला, जिसमें 11 FC जवान मारे गए। घायलों को हेलीकॉप्टर से नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
TTP के प्रवक्ता ओमर खोरासानी ने एक बयान में कहा, “यह हमला पाकिस्तानी सेना के अफगान तालिबान के खिलाफ सहयोग के जवाब में है। हमारी जंग जारी रहेगी।” पाकिस्तानी सेना की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन ISPR (इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस) ने हमले की पुष्टि की है।
TTP का बढ़ता खतरा: पृष्ठभूमि
TTP, जो पाकिस्तानी तालिबान के नाम से जाना जाता है, पाकिस्तान सरकार को उखाड़ फेंककर शरिया कानून लागू करने का लक्ष्य रखता है। 2021 में अफगान तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद TTP ने अफगानिस्तान से पाकिस्तान पर हमले तेज कर दिए हैं। इस साल TTP ने 200 से अधिक हमले किए हैं, जिसमें 300 से ज्यादा सुरक्षाबल शहीद हो चुके हैं। पिछले महीने साउथ वजीरिस्तान में TTP ने 12 सैनिकों को मार गिराया था।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आरोप लगाया है कि TTP को वहां से शरण मिल रही है, जिसके जवाब में अफगान तालिबान ने पाकिस्तान को “आतंकवाद का समर्थन” करने का इल्जाम लगाया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला TTP की नई रणनीति का हिस्सा है, जहां वे सीमावर्ती इलाकों में घात लगाकर हमला करते हैं।
सरकारी प्रतिक्रिया और सुरक्षा बढ़ाई
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले की कड़ी निंदा की और शहीदों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की सहायता का ऐलान किया। आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने सुरक्षा बलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। कुर्रम और आसपास के जिलों में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया है, और ड्रोन से निगरानी बढ़ा दी गई है। विपक्षी नेता इमरान खान ने भी शोक व्यक्त किया और सरकार से TTP के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देता है, जहां TTP ने हाल के महीनों में हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी चिंता जताई है।
