गाजा शांति योजना पर ट्रंप की आखिरी चेतावनी: ‘हमास सत्ता न छोड़े तो पूरी तरह तबाह कर देंगे’, रविवार तक डेडलाइन
गाजा शांति योजना पर ट्रंप की आखिरी चेतावनी: ‘हमास सत्ता न छोड़े तो पूरी तरह तबाह कर देंगे’, रविवार तक डेडलाइन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए पेश की गई अपनी 20-सूत्री शांति योजना को लेकर हमास को अंतिम अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि हमास रविवार शाम 6 बजे (अमेरिकी पूर्वी समय) तक योजना स्वीकार नहीं करता और सत्ता छोड़ने से इनकार करता है, तो हमास को “कभी न देखे गए नर्क” का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हमास को सत्ता छोड़नी होगी, वरना गाजा को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा। मध्य पूर्व में शांति एक न एक दिन आएगी, चाहे आसान रास्ते से या कठिन।” यह बयान ट्रंप के ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए गए 329 शब्दों के लंबे संदेश में आया, जो दो वर्ष पुराने इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करने के उनके प्रयासों का हिस्सा है।
ट्रंप की यह योजना 29 सितंबर को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त रूप से घोषित की गई थी। योजना में हमास को सभी इजरायली बंधकों (251 में से बचे 100 से अधिक) और मृतकों के शवों की रिहाई, साथ ही हथियारों का पूर्ण समर्पण करने का प्रावधान है। बदले में इजरायल 1,170 फिलिस्तीनी कैदियों और 250 जीवन कैदियों को रिहा करेगा। योजना में गाजा का ‘पुनर्निर्माण’ शामिल है, जिसमें ट्रंप की अगुवाई में ‘पीस बोर्ड’ (शांति परिषद) का गठन होगा, जिसमें पूर्व ब्रिटिश पीएम टोनी ब्लेयर जैसे वैश्विक नेता शामिल होंगे। यह अस्थायी शासन व्यवस्था फिलिस्तीनी संप्रभुता को नजरअंदाज करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रशासन पर जोर देती है, जिसकी आलोचना फिलिस्तीनियों ने ‘व्यवस्था पर कब्जे’ के रूप में की है।
ट्रंप ने कहा कि हमास ने योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, लेकिन पूर्ण स्वीकृति नहीं। उन्होंने इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकने का निर्देश दिया, ताकि बंधकों की सुरक्षित रिहाई हो सके। “हमास शांति के लिए तैयार लग रहा है, लेकिन यदि यह आखिरी मौका गंवा दिया, तो हमास के खिलाफ कभी न देखा गया नर्क छूटेगा।” ट्रंप ने दावा किया कि 25,000 से अधिक हमास लड़ाके मारे जा चुके हैं, और बाकी ‘सैन्य रूप से घिरे’ हैं। उन्होंने निर्दोष फिलिस्तीनियों को गाजा सिटी से ‘सुरक्षित इलाकों’ में भागने की सलाह दी, जहां इजरायली हमलों में 7.5 लाख लोग पहले ही विस्थापित हो चुके हैं।
नेतन्याहू कार्यालय ने कहा कि हमास की प्रतिक्रिया के बाद योजना के पहले चरण—बंधकों की रिहाई—की ‘तत्काल तैयारी’ हो रही है। लेकिन हमास के एक वरिष्ठ कमांडर एज एल-दीन अल-हद्दाद ने सत्ता छोड़ने से इनकार किया है। कतर और तुर्की के मध्यस्थों ने दोहा में हमास के साथ बैठक की, जहां योजना पर संशोधन की मांग उठी। हमास अधिकारियों का कहना है कि हथियार समर्पण के बिना योजना अस्वीकार्य है, खासकर जब फिलिस्तीनी राज्य की मांग अनसुनी हो।
ट्रंप का यह अल्टीमेटम वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं बटोर रहा है। सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने योजना का स्वागत किया, लेकिन फिलिस्तीनी अथॉरिटी ने इसे ‘सच्चे प्रयास’ बताया, जबकि गाजा में संशय बरकरार है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी कि योजना से भुखमरी (गाजा में 453 मौतें, जिनमें 150 बच्चे) और नागरिक हताहत (कुल 66,000 मौतें) बढ़ सकती है। इजरायल के यूएन राजदूत डैनी डैनन ने कहा, “यदि हमास अस्वीकार करता है, तो इजरायल ‘काम पूरा’ करेगा—चाहे आसान रास्ते से या कठिन।”
यह योजना 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले (1,200 इजरायली मौतें) के बाद शुरू हुए युद्ध को समाप्त करने का प्रयास है। ट्रंप ने खुद को ‘एकमात्र शांतिदूत’ बताते हुए राजनीतिक पूंजी लगाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डेडलाइन मिस हुई, तो इजरायली हमले तेज हो सकते हैं, जो गाजा को और तबाह कर देंगे। हमास के Doha गुट में संशोधन की संभावना है, लेकिन गाजा के सैन्य नेतृत्व कड़ा रुख अपनाए हुए है।
