‘कुछ भी खतरनाक नहीं मिला, जांच जारी’: मध्य प्रदेश-राजस्थान में बच्चों की मौत पर केंद्र का सिरप को क्लीन चिट, लेकिन सावधानी बरतने की एडवाइजरी
‘कुछ भी खतरनाक नहीं मिला, जांच जारी’: मध्य प्रदेश-राजस्थान में बच्चों की मौत पर केंद्र का सिरप को क्लीन चिट, लेकिन सावधानी बरतने की एडवाइजरी
मध्य प्रदेश और राजस्थान में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने राहत भरी खबर दी है। मंत्रालय ने कहा कि जांच में सिरप के सैंपल्स में कोई खतरनाक रसायन जैसे डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) या एथिलीन ग्लाइकॉल (EG) नहीं मिला। हालांकि, मौतों के अन्य कारणों की जांच जारी है, और राज्यों को बच्चों को सिरप देने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अब तक MP में 9 और राजस्थान में 2 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे हड़कंप मच गया था।
मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) डॉ. सुनीता शर्मा ने बताया कि नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), ICMR, AIIMS नागपुर और राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों की संयुक्त टीम ने सैंपल्स की जांच की। रिपोर्ट में कहा गया कि विवादित कफ सिरप (डेक्सट्रोमेथॉर्फन हाइड्रोब्रोमाइड आधारित) में कोई मिलावट नहीं पाई गई। लेकिन मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की, जिसमें 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप बिना डॉक्टर की सलाह के न देने की हिदायत दी गई है।
मामलों का विवरण
– मध्य प्रदेश (छिंदवाड़ा): सितंबर में 6 से बढ़कर 9 बच्चों की मौत। सरकारी अस्पतालों में सर्दी-खांसी के इलाज के लिए दिया गया सिरप संदिग्ध था। किडनी फेलियर मुख्य कारण बताया गया।
– राजस्थान (सीकर): 2 बच्चों की मौत, जिनमें 5 साल का एक बच्चा शामिल। सरकारी अस्पताल से मुफ्त सिरप मिला था।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि जांच के शुरुआती नतीजे सकारात्मक हैं, लेकिन पानी, मच्छर जनित बीमारियां और श्वसन संक्रमण जैसे अन्य कारकों की पड़ताल जारी है। लगभग 500 लोगों के रक्त सैंपल्स में कोई संक्रामक रोग नहीं मिला।
विपक्ष और राज्य सरकारों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकारों पर सवाल उठाए। MP कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “जांच रिपोर्ट से पहले ही क्लीन चिट कैसे? मौतों का असली कारण छिपाया जा रहा है।” MP के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि सिरप जिम्मेदार नहीं, लेकिन जांच पूरी होने तक नतीजा तय नहीं। राजस्थान सरकार ने सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है।
यह मामला 2022 के गाम्बिया-उज्बेकिस्तान कफ सिरप विवाद की याद दिला रहा है, जहां भारतीय कंपनियों के सिरप में DEG पाया गया था। लेकिन यहां क्लीन चिट मिलने से राहत है, हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि बच्चों को सिरप सोच-समझकर दें।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को तर्कसंगत दवा उपयोग पर जोर दिया है।
