उत्तराखंड

UKSSSC पेपर लीक: CM धामी के CBI जांच आश्वासन से विपक्ष असंतुष्ट, 3 अक्टूबर को कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’

UKSSSC पेपर लीक: CM धामी के CBI जांच आश्वासन से विपक्ष असंतुष्ट, 3 अक्टूबर को कांग्रेस का ‘हल्ला बोल’

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्रेजुएट लेवल परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की सिफारिश के बावजूद विपक्षी दल कांग्रेस ने असंतोष जताते हुए 3 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास पर ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन का ऐलान किया है। छात्र संगठनों की आठ दिनों की हड़ताल सोमवार को धामी के आश्वासन के बाद 10 अक्टूबर तक स्थगित कर दी गई, लेकिन कांग्रेस का कहना है कि यह केवल दिखावा है और भर्ती माफिया को संरक्षण मिल रहा है।

21 सितंबर को हरिद्वार सेंटर से परीक्षा के तीन पेज लीक होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसके बाद देहरादून के परेड ग्राउंड पर हजारों छात्रों ने धरना शुरू कर दिया। मुख्य आरोपी खालिद मलिक और उनकी बहन साबिया को गिरफ्तार किया गया, जबकि टिहरी के एक सहायक प्रोफेसर सुमन को निलंबित कर दिया गया। दो पुलिसकर्मियों को भी सस्पेंड किया गया। धामी ने इसे ‘नकल जिहाद’ करार देते हुए कहा, “यह कोचिंग और चीटिंग माफिया की साजिश है, जो युवाओं को गुमराह कर रही है।” उन्होंने रविवार को प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों से बात की और CBI जांच की सिफारिश का ऐलान किया, जिससे छात्रों ने हड़ताल स्थगित कर दी। धामी ने कहा, “मैं आपके दर्द को महसूस करता हूं। 25,000 पारदर्शी नियुक्तियां हो चुकी हैं, और हम किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। अमृत काल में युवा उत्तराखंड को नंबर वन बनाएंगे।”

हालांकि, कांग्रेस संतुष्ट नहीं है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने कहा, “CBI जांच की सिफारिश पहले भी की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। भाजपा नेताओं के संरक्षण में भर्ती माफिया फल-फूल रहा है। हम 3 अक्टूबर को सीएम आवास मार्च करेंगे।” कांग्रेस का आरोप है कि 2021 की UKSSSC परीक्षा में भी लीक हुआ था, जहां 1.6 लाख उम्मीदवारों में से 916 चयनित हुए, लेकिन SIT जांच अधर में लटकी रही। विपक्ष ने परीक्षा रद्द करने और दोषियों को कड़ी सजा की मांग दोहराई।

सरकार ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अगुवाई में SIT गठित की है, जो जांच कर रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड में लगातार पेपर लीक राज्य की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर धामी सरकार पर निशाना साधा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी न हुईं, तो हड़ताल फिर शुरू हो जाएगी। राजनीतिक हलकों में यह मामला विधानसभा सत्र को प्रभावित कर सकता है।

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