पाकिस्तान: क्वेटा में फ्रंटियर कोर मुख्यालय के पास जोरदार धमाका, 8 की मौत, 19 घायल; हमलावरों ने घेराबंदी तोड़ी, फायरिंग जारी
पाकिस्तान: क्वेटा में फ्रंटियर कोर मुख्यालय के पास जोरदार धमाका, 8 की मौत, 19 घायल; हमलावरों ने घेराबंदी तोड़ी, फायरिंग जारी
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में मंगलवार सुबह फ्रंटियर कोर (एफसी) मुख्यालय के पास जोरदार धमाके ने सनसनी फैला दी। धमाके के बाद मुख्यालय के अंदर भारी गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिसमें कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 4 एफसी जवान शामिल हैं। 19 अन्य घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर है। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 4-5 हथियारबंद हमलावरों ने उन्नत हथियारों से लैस होकर मुख्यालय की सुरक्षा घेराबंदी तोड़ी और अंदर घुस गए।
घटना सुबह करीब 7:30 बजे ज़रगुन रोड पर एफसी मुख्यालय के पास हुई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने तुरंत इलाके को घेर लिया, जबकि रेस्क्यू टीमें घायलों को निकालने में जुटी रहीं। बलूचिस्तान स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी है।
हमले की शुरुआती जानकारी: सुसाइड बॉम्बिंग या आईईडी?
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह एक वाहन से भरा सुसाइड बॉम्बिंग हो सकता है, जिसमें विस्फोटक लदा वाहन मुख्यालय के गेट पर ठोका गया। कुछ रिपोर्ट्स में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का जिक्र है। धमाके के तुरंत बाद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे मुख्यालय के अंदर का ऑपरेशन अब भी जारी है। एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया, “हमलावरों ने एडवांस्ड गियर का इस्तेमाल किया, जिसमें नाइट विजन और बॉडी आर्मर शामिल थे। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन फायरिंग रुकी नहीं है।”
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने घटना की कड़ी निंदा की और कहा, “यह कायराना हमला हमारे सैनिकों की बहादुरी को चुनौती नहीं दे सकता। हम दोषियों को सजा दिलाएंगे।” प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी शोक व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों को मुआवजे का ऐलान किया।
हताहतों का विवरण
– मृतक: 8 (4 एफसी जवान, 4 नागरिक)
– घायल: 19 (जिनमें कई एफसी कर्मी शामिल; कुछ की हालत क्रिटिकल)
– घायलों को क्वेटा के बॉलन मेडिकल कॉम्प्लेक्स और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में धमाके की धुंआ और गोलीबारी की आवाजें साफ सुनाई दे रही हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि खिड़कियां कांप गईं। उसके बाद चीखें और फायरिंग शुरू हो गई।”
बलूचिस्तान में बढ़ते हमले: सुरक्षा चूक की आशंका
यह हमला बलूचिस्तान में इस साल के 50वें से ज्यादा आतंकी घटना का हिस्सा है। जनवरी से अब तक प्रांत में 1,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और इस्लामिक स्टेट खोरासान (आईएसआईएस-के) जैसे संगठन सक्रिय हैं। हाल ही में जफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैकिंग और स्कूल बस बॉम्बिंग जैसे हमलों ने सुरक्षा एजेंसियों की नाकामी उजागर की है।
पाकिस्तान सरकार ने भारत पर बलूचिस्तान में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया। एफसी मुख्यालय एक हाई-सिक्योरिटी जोन है, फिर भी हमलावरों का घुसना सुरक्षा चूक का संकेत देता है।
जांच और प्रतिक्रिया
आर्मी और आईएसआई की संयुक्त टीम जांच कर रही है। इलाके को सील कर दिया गया है, और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। कोई संगठन ने अभी जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन बीएलए पर शक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी है।
यह घटना न केवल बलूचिस्तान की सुरक्षा को चुनौती देती है, बल्कि पूरे पाकिस्तान की आंतरिक स्थिरता पर सवाल उठाती है। स्थानीय निवासियों में डर का माहौल है, जबकि सुरक्षा बल हमलावरों को खत्म करने के लिए ऑपरेशन चला रहे हैं।
