करूर भगदड़ मामले में TVK नेता गिरफ्तार, FIR में विजय समेत कई बड़े नाम
करूर भगदड़ मामले में TVK नेता गिरफ्तार, FIR में विजय समेत कई बड़े नाम
तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-पolitician थलापति विजय की तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) की रैली में हुई भगदड़ के मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। TVK के करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी मथियाजगन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जो संगठनात्मक लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो गई, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जबकि 60 से अधिक घायल हुए। FIR में TVK के कई शीर्ष नेताओं के नाम दर्ज हैं, और विजय पर भी ‘जानबूझकर देरी’ का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास, लापरवाहीपूर्ण हत्या और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के तहत दर्ज किया है।
घटना का पूरा विवरण
27 सितंबर को करूर के वेलुसामीपुरम में TVK की रैली के दौरान भगदड़ मच गई। सुबह 10 बजे से ही 25,000 से अधिक समर्थक इकट्ठा हो गए थे, जबकि अनुमति सिर्फ 10,000 लोगों की थी। विजय का आगमन दोपहर 12 बजे के बजाय शाम 4:45 बजे हुआ, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। लोग पेड़ों और टीन शेड्स पर चढ़ गए, जो ढह गए और नीचे खड़े लोगों पर गिर पड़े। इससे घुटन और दबाव से मौतें हुईं। पुलिस ने बताया कि TVK नेताओं ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, और अनधिकृत रोड शो भी किया।
FIR करूर टाउन पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर जी. मणिवannan की शिकायत पर दर्ज की गई है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (हत्या का प्रयास), 105 (लापरवाहीपूर्ण हत्या), 190 (सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा) और तमिलनाडु पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत केस है। FIR में विजय को ‘जानबूझकर देरी’ के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, जिससे ‘अनावश्यक अपेक्षाएं’ बनीं। हालांकि, विजय का नाम सीधे आरोपी के रूप में नहीं है, लेकिन FIR में उनका उल्लेख है।
FIR में नामित अन्य नेता
– मथियाजगन (करूर वेस्ट डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरी): मुख्य आरोपी, गिरफ्तार। अनुमति से ज्यादा भीड़ जुटाने और चेतावनियों को अनदेखा करने का आरोप।
– बुशी आनंद (राज्य महासचिव): फरार, गिरफ्तारी की तलाश।
– निरमल कुमार (संयुक्त महासचिव): फरार, चेतावनियों को नजरअंदाज करने का आरोप।
इसके अलावा, 25 लोगों पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट के लिए केस दर्ज है। TVK ने इसे DMK की ‘साजिश’ बताया है, और मदुरै हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग की है।
विजय और TVK की प्रतिक्रिया
विजय ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को 20 लाख और घायलों को 2 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “मैं टूट चुका हूं और अकल्पनीय दर्द में हूं।” TVK नेता आधाव अर्जुन ने हाईकोर्ट में CBI प्रोब की याचिका दायर की, और आरोप लगाया कि स्थानीय DMK नेताओं ने तोड़फोड़ की। विजय ने करूर अस्पताल जाने का प्लान ड्रॉप कर दिया, क्योंकि पुलिस ने भीड़ के डर से मना किया।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जांच का आदेश दिया और कहा कि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। ADGP ने पथराव के आरोपों को खारिज किया, लेकिन पुलिस तैनाती पर सवाल उठ रहे हैं। PMK चीफ अंबुमणि रामदॉस ने भी CBI जांच की मांग की।
यह तमिलनाडु की सबसे घातक राजनीतिक रैली त्रासदी है। विशेषज्ञों का मानना है कि रैली संगठन में सुरक्षा मानकों की कमी उजागर हुई है। क्या CBI जांच होगी? कोर्ट का फैसला तय करेगा।
