राजनीति

MP सरकार ने जारी किया फरमान, फर्जी कॉलर और ब्लैकमेलर की अब खैर नहीं

मध्य प्रदेश सरकार ने झूठी शिकायतों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए एक नया फरमान जारी किया है। अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फर्जी शिकायतें दर्ज कराने वाले लोगों की ‘ब्लैक लिस्ट’ तैयार की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य अधिकारियों पर दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने वालों पर अंकुश लगाना है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर ऐसे शिकायतकर्ताओं की सूची मांगी है, जिसमें उनके नाम, मोबाइल नंबर, कुल शिकायतों की संख्या और संबंधित अधिकारियों की टिप्पणियां शामिल होंगी।

विभाग के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन पर कई फर्जी शिकायतें दर्ज हो रही हैं, जो विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डाल रही हैं। सतना, सिवनी, मैहर समेत कई जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं, जहां कुछ लोग ब्लैकमेल के इरादे से झूठे मामले गढ़ रहे हैं। पहले अधिकारियों को ऐसी शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने की सलाह दी गई थी, लेकिन अब सरकार ने इसे और सख्त बनाने का फैसला किया है। ब्लैक लिस्ट में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई वाली सरकार ने हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की, जहां फर्जी शिकायतों का खुलासा हुआ। विभाग ने निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट मांगी है, ताकि ऐसी प्रवृत्ति पर पूर्ण रोक लगाई जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि सच्ची शिकायतों को प्राथमिकता मिलने से आम जनता को फायदा होगा।

सरकार का यह फैसला पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि ब्लैक लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि निर्दोष लोग प्रभावित न हों।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *