‘अनावश्यक बयानबाजी से बचें’: ‘I Love Mohammed’ विवाद पर BJP ने नेताओं को जारी की सख्त हिदायत
‘अनावश्यक बयानबाजी से बचें’: ‘I Love Mohammed’ विवाद पर BJP ने नेताओं को जारी की सख्त हिदायत
‘I Love Mohammed’ पोस्टर विवाद के बीच भाजपा ने अपने नेताओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे इस मुद्दे पर अनावश्यक बयानबाजी से बचें। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि विवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी बयान से दूर रहें, ताकि सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़े नहीं। यह हिदायत बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के ठीक बाद आई है, जहां पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित की। भाजपा का यह कदम त्योहारी सीजन से पहले शांति बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कानपुर से बरेली तक फैला तनाव
– कानपुर में शुरुआत: विवाद की जड़ 4 सितंबर को कानपुर में बरावफात जुलूस (मीलाद उन-नबी) के दौरान है। जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने सड़कों पर ‘I Love Mohammed’ लिखे बोर्ड लगाए, जिस पर स्थानीय स्तर पर आपत्ति जताई गई। इससे सांप्रदायिक तनाव की आशंका बढ़ गई।
– बरेली में चरम: मामला बरेली पहुंचा, जहां क्रिकेट बॉल के पोस्टर पर लगने से हिंदू और मुस्लिम पक्ष आमने-सामने आ गए। मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर जुमे के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें पथराव और लाठीचार्ज हुआ। IMC ने इसे पैगंबर के सम्मान से जोड़ा, जबकि स्थानीय संगठनों ने इसे ‘उकसावा’ बताया।
– राज्यव्यापी अलर्ट: यूपी सरकार ने सभी जिलों में फोर्स तैनात की है, और धारा 144 लागू कर दी गई।
BJP की हिदायत: शांति प्राथमिकता, बयानबाजी पर रोक
– शीर्ष नेतृत्व का निर्देश: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री अरुण सिंह ने व्हाट्सएप ग्रुप और आंतरिक मीटिंग्स के जरिए नेताओं को संदेश दिया: “अनावश्यक बयानबाजी से बचें, विवाद से दूर रहें।” पार्टी का कहना है कि यह हिदायत सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए है, खासकर नवरात्रि-रामलीला के बीच।
– नेताओं पर नजर: कुछ स्थानीय BJP नेताओं के सोशल मीडिया पोस्ट्स पर पार्टी ने निगरानी बढ़ा दी है। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हम शांति के पक्षधर हैं, कोई भी बयान जो तनाव बढ़ाए, स्वीकार्य नहीं।”
– रणनीतिक कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्देश 2027 यूपी चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया है, जहां मुस्लिम वोट बैंक महत्वपूर्ण है। भाजपा ने पहले भी ऐसे विवादों में ‘शांति अपील’ की रणनीति अपनाई है।
विपक्ष की आलोचना, समर्थकों का समर्थन
– विपक्ष का तंज: सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा, “BJP अब डरे हुए हैं, लेकिन देर हो चुकी।” कांग्रेस ने इसे “दोहरा चरित्र” बताया।
– प्रशासन का रुख: यूपी CM योगी आदित्यनाथ ने कहा, “कानून सबके लिए बराबर, कोई उकसावा बर्दाश्त नहीं।”
यह हिदायत विवाद को ठंडा करने का प्रयास है, लेकिन बरेली में तनाव बरकरार है।
