तेज प्रताप यादव का बड़ा धमाका: RJD से नाता तोड़ ‘जनशक्ति जनता दल’ बनाई, बोले- बिहार में संपूर्ण बदलाव लाएंगे
तेज प्रताप यादव का बड़ा धमाका: RJD से नाता तोड़ ‘जनशक्ति जनता दल’ बनाई, बोले- बिहार में संपूर्ण बदलाव लाएंगे
बिहार की राजनीति में भूकंप जैसी खबर! राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने आज अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ (Janshakti Janata Dal) का औपचारिक ऐलान कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर पार्टी का पोस्टर शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि यह पार्टी बिहार के संपूर्ण विकास के लिए समर्पित होगी और राज्य में एक नई व्यवस्था का निर्माण करेगी। पार्टी को चुनाव आयोग से मान्यता मिल चुकी है, जबकि इसका चुनाव चिन्ह ‘ब्लैक बोर्ड’ है।
तेज प्रताप ने X पर पोस्ट किया: “हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर हैं। हमारा मकसद बिहार में संपूर्ण बदलाव कर एक नई व्यवस्था का नव निर्माण करना है। हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।” पोस्टर में महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीरें प्रमुखता से दिखाई गई हैं, जो पार्टी के सामाजिक न्याय और बदलाव के एजेंडे को रेखांकित करती हैं।
यह ऐलान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से ठीक पहले आया है, जब RJD और उसके गठबंधन INDYA की सत्ता वापसी की कोशिशें जोरों पर हैं। तेज प्रताप, जो लालू परिवार के बड़े बेटे हैं, ने 2020 में ही इस पार्टी का रजिस्ट्रेशन करा लिया था। हालांकि, तब वे RJD में ही थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके करीबी बालेंद्र दास ने इसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां चुनाव चिन्ह ‘बांसुरी’ था। अब ‘ब्लैक बोर्ड’ चिन्ह के साथ पार्टी को नया जीवन मिला है।
तेज प्रताप का RJD से अलगाव कोई नई बात नहीं है। अनुष्का यादव से विवाह विवाद के बाद लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। इसके बाद वे ‘टीम तेज प्रताप यादव’ के नाम से सक्रिय थे। जुलाई 2025 में उन्होंने महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन अब नई पार्टी के बैनर तले उतरेंगे। उन्होंने कहा कि वे न सिर्फ NDA और INDYA गठबंधन को, बल्कि अपनी पुरानी पार्टी RJD को भी चुनौती देंगे।
पार्टी के गठन के साथ ही तेज प्रताप ने एक मजबूत गठबंधन भी तैयार कर लिया है। इसमें राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी (सत्य), विकासशील वंचित इंसान पार्टी, भोजपुरिया जन मोर्चा, प्रगतिशील जनता पार्टी, वाजीब अधिकार पार्टी और संयुक्त किसान विकापार्टी जैसी छह छोटी पार्टियां शामिल हैं। गठबंधन का नाम ‘टीम तेज प्रताप यादव’ रखा गया है, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रवादी जन लोक पार्टी के सत्यपाल सिंह सिसोदिया करेंगे। मुख्य मुद्दा बेरोजगारी और पलायन होगा। तेज प्रताप ने कहा, “बिहार में आए दिन लोग पलायन कर रहे हैं, हम इसे रोकेंगे।”
RJD के छोटे बेटे और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के लिए यह ऐलान सिरदर्द बन सकता है। परिवार में कलह की खबरें पहले से ही सुर्खियां बटोर रही हैं। तेज प्रताप ने हाल ही में RJD पर साजिशों का आरोप लगाते हुए कहा था, “मेरी खामोशी को कमजोरी मत समझना, अंत मैं करूंगा।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महुआ सीट पर तेज प्रताप का उतरना RJD के वोट बैंक को बांट सकता है, जहां से वर्तमान विधायक मुकेश रोशन RJD के ही हैं।
बिहार की सियासत में यह नया मोड़ NDA के लिए भी फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यादव वोटों का विभाजन INDYA गठबंधन को कमजोर करेगा। तेज प्रताप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, शिक्षा और रोजगार पर फोकस करेगी। पार्टी का झंडा पीली टोपी के साथ नए प्रतीक वाला है, जो बदलाव का संदेश देता है।
फिलहाल, RJD की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन लालू परिवार के करीबियों ने इसे ‘परिवारिक मामला’ बताया है। बिहार चुनावों में यह नया समीकरण कैसे काम करता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। तेज प्रताप का यह कदम बिहार की राजनीति को और रोचक बना देगा।
