राजनीति

‘I Love Muhammad’ प्रदर्शनों पर नकवी का तीखा प्रहार: ‘यह केवल पाखंड, आस्था को अराजकता का बंधक न बनाएं’

‘I Love Muhammad’ प्रदर्शनों पर नकवी का तीखा प्रहार: ‘यह केवल पाखंड, आस्था को अराजकता का बंधक न बनाएं’

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने ‘I Love Muhammad’ अभियान के तहत हो रहे प्रदर्शनों को “केवल पाखंड” करार देते हुए कड़ी निंदा की है। रामपुर पहुंचे नकवी ने कहा कि आस्था और अस्मिता को अराजकता का बंधक बनाने का यह प्रयास किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उनका यह बयान उत्तर प्रदेश में फैले ‘I Love Muhammad’ विवाद के बीच आया है, जो कानपुर से शुरू होकर पूरे देश में फैल चुका है। नकवी ने इसे धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग बताते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।

नकवी का बयान: पाखंडी प्रदर्शन, समाज को तोड़ने की साजिश

रामपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा, “आस्था का नाम लेकर प्रदर्शन करना पाखंड है। यह न मोहम्मद साहब की शिक्षा के अनुरूप है, न भारतीय संविधान की भावना के। आस्था को अराजकता का हथियार बनाने वाले तत्व समाज को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे ऐसे “भड़काऊ” अभियानों से दूरी बनाएं और सकारात्मक योगदान पर फोकस करें। नकवी ने कहा कि असली भक्ति शांति और एकता में है, न कि सड़कों पर उग्र नारों में।

यह बयान कानपुर के बेकनगंज इलाके में ‘I Love Muhammad’ के लाइट बोर्ड्स लगाने से शुरू हुए विवाद के संदर्भ में आया है। नकवी ने पूर्व मंत्री आजम खान के बयानों का भी जिक्र किया, जिन्होंने विवाद को भड़काने का आरोप लगाया। नकवी ने कहा, “कुछ लोग वोटबैंक के लिए धर्म को राजनीति का दास बना रहे हैं, लेकिन जनता अब जागरूक है।”

विवाद की पृष्ठभूमि: कानपुर से देशव्यापी आग

‘I Love Muhammad’ स्लोगन की शुरुआत ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान हुई, जब कानपुर में हिंदू संगठनों ने इसे उकसावे के रूप में देखा। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने पूरे यूपी, बिहार, मुंबई और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। पुलिस ने कई जगह एफआईआर दर्ज कीं, जबकि हिंदू संगठनों ने ‘I Love Mahadev’ जैसे काउंटर-कैंपेन चलाए। AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा बताया, लेकिन नकवी ने इसे “राजनीतिक ड्रामा” करार दिया। सोशल मीडिया पर #ILoveMuhammad ट्रेंड कर रहा है.

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: भाजपा का रुख, विपक्ष का पलटवार

भाजपा ने नकवी के बयान का समर्थन किया, कहा कि यह “राष्ट्रीय एकता” की आवाज है। विपक्षी दलों ने इसे “मुस्लिम-विरोधी” बताते हुए नकवी पर निशाना साधा। समाजवादी पार्टी ने कहा, “आस्था का सम्मान सबका अधिकार है, इसे पाखंड न कहें।” यूपी पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की है।

नकवी का यह बयान विवाद को नई दिशा दे सकता है, जो धार्मिक सद्भाव की परीक्षा ले रहा है। क्या यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेंगे? प्रशासन की निगरानी पर नजरें टिकी हैं।

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