‘PM मोदी छवि चमकाने में व्यस्त, बेरोजगारी, वोट चोरी सबसे बड़ा संकट…’, राहुल गांधी का निशाना: युवाओं पर लाठीचार्ज, मोदी पर PR का तंज
‘PM मोदी छवि चमकाने में व्यस्त, बेरोजगारी, वोट चोरी सबसे बड़ा संकट…’, राहुल गांधी का निशाना: युवाओं पर लाठीचार्ज, मोदी पर PR का तंज
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर जोरदार हमला बोला। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि भारत में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है, जो सीधे ‘वोट चोरी’ से जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव ईमानदारी से नहीं जीतती, बल्कि वोट चोरी और संस्थाओं को काबू में करके सत्ता में बनी रहती है। “जब तक चुनाव चोरी होते रहेंगे, तब तक बेरोजगारी और भ्रष्टाचार भी बढ़ते रहेंगे,” गांधी ने लिखा।
गांधी ने पोस्ट के साथ एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें एक तरफ बेरोजगार युवाओं पर पुलिस की लाठीचार्ज की क्लिप्स हैं, तो दूसरी तरफ पीएम मोदी को पौधे लगाते, मोरों को दाना खिलाते और योग करते दिखाया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “देश का युवा मेहनत करता है, सपने देखता है और अपने भविष्य के लिए संघर्ष करता है। लेकिन मोदी जी सिर्फ अपनी PR, सेलिब्रिटीज़ से अपना गुणगान करवाने और अरबपतियों के मुनाफे में व्यस्त हैं। युवाओं की उम्मीदों को तोड़ना और उन्हें हताश करना इस सरकार की पहचान बन चुकी है।” गांधी ने दावा किया कि बेरोजगारी 45 साल के उच्चतम स्तर (युवा बेरोजगारी दर 35.9%) पर पहुंच चुकी है, नौकरियां घट रही हैं, भर्ती प्रक्रियाएं ध्वस्त हो गई हैं और हर परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं भ्रष्टाचार की कहानियां बयां कर रही हैं।
यह बयान बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आया है, जहां कांग्रेस ‘वोटर अधीकार यात्रा’ के जरिए चुनावी धांधली के खिलाफ अभियान चला रही है। गांधी ने कहा कि युवा अब समझ चुके हैं कि असली लड़ाई न सिर्फ नौकरियों की, बल्कि वोट चोरी के खिलाफ है। “अब युवा न नौकरी की लूट सहेंगे, न वोट की चोरी। भारत को बेरोजगारी और वोट चोरी से मुक्त करना ही अब सबसे बड़ी देशभक्ति है।” उन्होंने ईसीआई पर बीजेपी से साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि जल्द ही ‘हाइड्रोजन बम’ जैसा सबूत पेश करेंगे, जो वोट चोरी की सच्चाई उजागर कर देगा।
बीजेपी ने तीखा पलटवार किया। सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, “राहुल गांधी हार मानने पर हमेशा बहाने बनाते हैं। जेन जेड उनकी वंशवादी राजनीति को खारिज कर देगी।” ईसीआई ने आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए कहा कि वोट डिलीशन ऑनलाइन नहीं हो सकती।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है, जो मुस्लिम और युवा वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास है। सीएमआईई की रिपोर्ट के अनुसार, 20-24 आयु वर्ग में 44.5% युवा बेरोजगार हैं, जो आंदोलन को हवा दे रहा है।
नवरात्रि के बीच यह राजनीतिक टकराव बिहार चुनावों को और रोचक बना रहा है। क्या युवाओं की आवाज सरकार तक पहुंचेगी, या यह सिर्फ चुनावी हंगामा साबित होगा? समय ही बताएगा।
