राजनीति

आजम खान 2 साल बाद कल सीतापुर जेल से होंगे रिहा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम: रामपुर में सपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

आजम खान 2 साल बाद कल सीतापुर जेल से होंगे रिहा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम: रामपुर में सपा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा

उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ समाजवादी पार्टी (सपा) नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को 23 महीने की जेल जीवन के बाद कल सुबह रिहाई मिलेगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से रैंपूर क्वालिटी बार लैंड ग्रैब केस में जमानत मिलने के बाद सीतापुर जिला कारागार से उनकी रिहाई की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। जेल प्रशासन ने सुबह करीब 7 से 8 बजे तक रिहाई का समय तय किया है। इस अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, क्योंकि सपा समर्थकों का बड़ा जमावड़ा होने की संभावना है।

आजम खान पर दर्ज 80 से अधिक आपराधिक मामलों में से कई में सजा हो चुकी है, लेकिन हालिया जमानत से उन्हें बड़ी राहत मिली। हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन की बेंच ने 18 सितंबर को क्वालिटी बार केस में जमानत याचिका मंजूर की, जिसमें खान पर सरकारी जमीन हड़पने का आरोप था। वकील इमरान उल्लाह ने बताया, “सभी बेल बॉन्ड और जमानत की शर्तें पूरी हो चुकी हैं। कल सुबह वे बाहर होंगे।” हालांकि, 19 सितंबर को रामपुर पुलिस द्वारा एक अन्य मामले में नई चार्जशीट दाखिल होने से रिहाई में थोड़ी देरी हुई, लेकिन जेल प्रशासन ने वारंट प्राप्त कर लिया है।

सीतापुर जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल के बाहर 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी और बैरिकेडिंग के साथ रामपुर रोड पर ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने समर्थकों से शांतिपूर्ण स्वागत की अपील की है। रामपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने जश्न की तैयारी शुरू कर दी है, जहां खान का काफिला पहुंचेगा। एक कार्यकर्ता ने कहा, “आजम भाई की रिहाई पार्टी के लिए नई ऊर्जा लाएगी।”

आजम खान की जेल यात्रा 2023 में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र केस से शुरू हुई, जिसमें उन्हें 7 साल की सजा मिली। उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम खान भी जेल की हवा खा चुके हैं। अब्दुल्ला को फरवरी 2025 में जमानत मिल चुकी है। सपा का दावा है कि ये केस राजनीतिक साजिश हैं, जबकि भाजपा ने इसे “कानून का राज” बताया। खान की रिहाई से यूपी की सियासत में नया मोड़ आ सकता है, खासकर आगामी उपचुनावों को देखते हुए। क्या वे रामपुर लोकसभा सीट पर सक्रिय होंगे? सवाल उठ रहे हैं। जेल प्रशासन ने मीडिया को सीमित पहुंच दी है, ताकि शांति बनी रहे।

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