ED का दुबई में एक्शनः फेयरप्ले बेटिंग एप कंपनी पर कसा शिकंजा, 307.16 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
ऑनलाइन बेटिंग और अवैध प्रसारण के कथित घोटाले में फेयरप्ले ऐप के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने दुबई में फेयरप्ले स्पोर्ट एलएलसी और इसके प्रमोटर्स से जुड़ी 307.16 करोड़ रुपये कीमत की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इनमें बैंक बैलेंस, जमीन, विला और फ्लैट शामिल हैं। इससे इस केस में कुल अटैचमेंट और जब्ती की राशि लगभग 651.31 करोड़ रुपये हो गई है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत 19 सितंबर को जारी आदेश पर आधारित है।
ED की जांच के अनुसार, फेयरप्ले ऐप IPL क्रिकेट मैचों और लोकसभा चुनाव 2024 के परिणामों पर अवैध बेटिंग चलाकर अरबों रुपये का कारोबार कर रहा था। कंपनी के मास्टरमाइंड कृष लाक्ष्मीचंद शाह, जो दुबई से संचालन कर रहे थे, ने ट्रेड-बेस्ड मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए फंड्स विदेश भेजे। ED ने बताया कि शाह ने कुरासाओ, दुबई और माल्टा में कई शेल कंपनियां बनाईं, जिनके जरिए अपराध की कमाई को सफेद किया गया। जांच में सामने आया कि 13,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम आयात के नाम पर विदेश भेजी गई, जबकि असल में यह बेटिंग का मुनाफा था। Viacom18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर मुंबई साइबर सेल ने अप्रैल 2023 में FIR दर्ज की थी, जिसमें 100 करोड़ से ज्यादा का राजस्व नुकसान बताया गया।
इससे पहले ED ने जून से अक्टूबर 2024 तक कई छापेमारी कीं, जिसमें 4,500 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ। शाह के सहयोगी सिद्धांत शंकरन अय्यर (जो फाइनेंशियल हैंडलिंग देखते थे), चिराग शाह और चिंतन शाह (टेक्नोलॉजी पक्ष) ने भी संपत्तियां हासिल कीं। ED ने चार फर्म्स—जिनमें एक स्टॉक एक्सचेंज पर रजिस्टर्ड—पर भी शक जताया, जो बोगस इंपोर्ट के नाम पर फंड्स ट्रांसफर करती रहीं। एक पेमेंट गेटवे ने 3,000 करोड़ की ट्रांजेक्शन प्रोसेस की, जिसमें सेलिब्रिटीज को एंडोर्समेंट के लिए पैसे दिए गए।
ED के जोनल डायरेक्टर ने कहा, “फेयरप्ले का ऑपरेशन इतना बड़ा था कि अपराध की कमाई सैकड़ों करोड़ में है। हम विदेशी फंड्स को ट्रैक कर रहे हैं।” 1 अप्रैल 2025 को ED ने स्पेशल PMLA कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की, जिसका संज्ञान 25 अप्रैल को लिया गया। अब तक की कार्रवाई से कई आरोपी फरार हैं, और ED इंटरपोल के जरिए उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस ऑनलाइन गैंबलिंग के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का उदाहरण बनेगा, जो युवाओं को गुमराह कर रहा है। क्या ED की यह मुहिम और तेज होगी? आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।
