उत्तराखंड

त्योहारी सीजन से पहले उत्तराखंड में जीएसटी दरों में बड़ी कटौती, 22 सितंबर से लागू

त्योहारी सीजन से पहले उत्तराखंड में जीएसटी दरों में बड़ी कटौती, 22 सितंबर से लागू

त्योहारी माहौल में उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उत्तराखंड सरकार ने जीएसटी दरों में संशोधन किया है। वित्त विभाग ने राज्य में प्रमुख उपभोक्ता सामान और सेवाओं पर संशोधित जीएसटी दरें जारी कर दी हैं, जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी होंगी। जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के निर्णयों के अनुपालन में केंद्र सरकार ने 17 सितंबर को अधिसूचनाएं जारी कीं, जबकि राज्य सरकार ने 18 सितंबर को इन्हें अपनाते हुए स्थानीय अधिसूचनाएं जारी कीं। इससे अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों में कमी आई है, जिससे कीमतें घटेंगी और बाजार में मांग बढ़ेगी।

वित्त सचिव दिलीप जावलकर ने बताया, “जीएसटी परिषद की सिफारिशों के क्रम में ये बदलाव त्योहारी सीजन से पहले लागू हो रहे हैं। ज्यादातर वस्तुओं पर दरें 12% से घटाकर 5% या 18% की गई हैं। इससे उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी, व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।” उन्होंने कहा कि ये सुधार निम्न और मध्यम आय वर्ग को लक्षित हैं, साथ ही किसानों और व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। दीर्घकालिक रूप से यह कर संरचना को सरल बनाएगा और विवादों को कम करेगा।

प्रमुख बदलावों में दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर फोकस है। उदाहरण के तौर पर, दवाइयों और मेडिकल डिवाइसेज पर जीएसटी 12% से घटकर 5% हो गई है। जीवन रक्षक दवाओं को 36 श्रेणियों में छूट दी गई है। यार्न (धागा) पर 12% से 5% की कटौती हुई, जबकि कोयले पर 5% से बढ़कर 18%। इलेक्ट्रॉनिक्स, बटर जैसी दैनिक वस्तुओं पर 5% स्लैब लागू। ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) और हाइड्रोजन वाहनों पर 5% दर, सोलर कुकर्स और वॉटर हीटर्स पर भी कमी। सेवाओं में अधिकांश पर 18% स्लैब, जबकि लक्जरी गुड्स पर 40%। तंबाकू उत्पादों पर कोई बदलाव नहीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में भारी कटौती की है। उत्तराखंड में भी 22 सितंबर से नई दरें लागू हो रही हैं। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।” विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव जीएसटी 2.0 का हिस्सा हैं, जो स्लैब्स को 5%, 18% और 40% तक सीमित करते हैं। इससे जीडीपी में 0.2-0.3% की वृद्धि का अनुमान है। व्यापारियों ने स्वागत किया, लेकिन कोयला दर बढ़ने से टेक्सटाइल सेक्टर पर असर की आशंका जताई।

राज्य सरकार ने सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता अब सस्ते दामों पर त्योहार मना सकेंगे।

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