RBI का बड़ा फैसला: क्रेडिट कार्ड से रिकरिंग पेमेंट्स पर बैन, नई गाइडलाइंस लागू
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए एक बड़ा झटका दिया है। 2025 की नई गाइडलाइंस के तहत, क्रेडिट कार्ड से ऑटोमैटिक पेमेंट्स (रिकरिंग ट्रांजेक्शन्स) पर सख्त बैन लगा दिया गया है। अब आप क्रेडिट कार्ड से सब्सक्रिप्शन, EMI या किसी भी रेगुलर पेमेंट को ऑटोमैटिक तरीके से नहीं कर पाएंगे। RBI ने इसे ‘ई-मैंडेट’ सिस्टम के तहत लिमिटेड कर दिया है, जहां हर ट्रांजेक्शन 5,000 रुपये से ज्यादा नहीं हो सकता। यह नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू हो जाएगा, जिससे लाखों यूजर्स को मैनुअल पेमेंट्स की आदत डालनी पड़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल फ्रॉड को रोकने और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
RBI की नई क्रेडिट कार्ड गाइडलाइंस 2025 में उपभोक्ता संरक्षण, ट्रांसपेरेंसी और जिम्मेदार उधार को मजबूत करने पर फोकस करती हैं। गूगल पे, अमेजन पे और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर रिकरिंग पेमेंट्स अब सीमित होंगे। अगर आपका मंथली बिल 5,000 रुपये से ज्यादा है, तो ऑटो डेबिट फेल हो जाएगा और आपको मैनुअल पेमेंट करना पड़ेगा। उदाहरण के लिए, नेटफ्लिक्स, स्पॉटिफाई या अमेजन प्राइम जैसे सब्सक्रिप्शन्स पर क्रेडिट कार्ड से ऑटो पे बंद हो जाएगा। RBI के डेटा के अनुसार, 2024 में 120 मिलियन से ज्यादा क्रेडिट कार्ड यूजर्स थे, और आउटस्टैंडिंग डेट 14 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया था। इस बढ़ते डेट को कंट्रोल करने के लिए यह बैन लगाया गया।
नई गाइडलाइंस में अन्य बदलाव भी शामिल हैं। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन्स पर 5,000 रुपये से ऊपर के लिए अनिवार्य टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) होगा। क्रेडिट कार्ड डिस्प्यूट्स का रिजॉल्यूशन अब 30 दिनों में अनिवार्य होगा, जिसमें 24 घंटे में एक्नॉलेजमेंट और हर 7 दिन में अपडेट मिलेगा। लेट पेमेंट रिपोर्टिंग में 3 दिन की ग्रेस पीरियड दी गई है, ताकि क्रेडिट स्कोर पर तुरंत असर न पड़े। फीस स्ट्रक्चर स्टैंडर्डाइज्ड होगा, जिसमें हिडन चार्जेस जैसे प्रोसेसिंग फीस को क्लियरली डिस्क्लोज करना पड़ेगा। अनसॉलिसिटेड क्रेडिट कार्ड इश्यू करने पर भी सख्ती बरती गई है।
बैंकों और फिनटेक कंपनियों को अब डिजिटल-फर्स्ट कार्ड्स के लिए बैंक-लेवल KYC, डेटा सिक्योरिटी और डायरेक्ट मार्केटिंग नियमों का पालन करना होगा। को-ब्रांडेड कार्ड्स (जैसे अमेजन ICICI) में बैंक ही कस्टमर सर्विस के लिए जिम्मेदार होगा। क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट्स में बढ़ोतरी के कारण RBI ने ये कदम उठाए हैं। 2023 में 1.3 मिलियन से ज्यादा कार्डहोल्डर्स फ्रॉड का शिकार हुए थे। HDFC, Axis, SBI कार्ड और Amex जैसे बैंकों ने यूजर्स को ईमेल और SMS से अलर्ट भेजना शुरू कर दिया है।
यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे मैनुअल पेमेंट्स के लिए UPI या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करें। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, “ये नियम यूजर्स को ओवर-बॉरोइंग से बचाएंगे और फाइनेंशियल हेल्थ सुधारेंगे।” फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे क्रेडिट कार्ड स्पेंडिंग 15-20% कम हो सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म में सस्टेनेबल क्रेडिट कल्चर बनेगा। अगर आपका कार्ड प्रभावित है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।
